अयोध्या मामला: राम मंदिर को लेकर 26 फरवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई 26 फरवरी को होगी। जजों की पांच सदस्य पीठ में शामिल जस्टिस एसए बोबडे छुट्टी से लौट आए हैं। इस मामले का सुनवाई की अगली तारीफ 26 फरवरी तय की गई है। इससे पहले 29 जनवरी को जज के छुट्टी पर जाने के चलते सुनवाई रोक दी गई थी। वहीं 10 जनवरी को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की थी तो मुस्लिम पक्षकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने पीठ में न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद यूयू ललित पीठ से हट गए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने उनके स्थान पर एसए बोबडे को शामिल किया है।

न्यायाधीश एसए बोबडे के छुट्टी से लौट आने के बाद अब इस नई बेंच में जो जज अयोध्या मामले की सुनवाई करेंगे उसमें चीफ जस्टिस के अलावे एनए बोवड़े, अब्दुल नजीर, अशोक भूषण, अब्दुल नजीर शामिल हैं। इससे पहले 29 जनवरी को होने वाले अयोध्या मामले की सुनवाई टल गई थी। सुप्रीम कोर्ट में जिन पांच जजों की बेंच को इस मामले की सुनवाई करनी थी, उसके एक सदस्य जस्टिस एस ए बोबडे उस दिन उपलब्ध नहीं थे।

पुरानी बेंच को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि अयोध्या विवाद से ही संबंधित एक मामले में जस्टिस ललित अधिवक्ता की हैसियत से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की ओर से पेश हो चुके हैं, ऐसी स्थिति में उन्हें मामले की सुनवाई से अलग हो जाना चाहिए। इसके बाद न्यायमूर्ति ललित ने सुनवाई से हटने की घोषणा की थी

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