इनकम टैक्स में मिल सकती दोगुनी छूट, अंतरिम बजट में आम आदमी की होगी बल्ले-बल्ले

वित्तमंत्री अरुण जेटली के स्थान पर अंतरिम बजट पेश करने जा रहे है पीयूष गोयल इनकम टैक्स में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दे सकते हैं। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स स्लैब 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा मेडिकल खर्च और ट्रेवल अलाउंस को बहाल किया जा सकता है। अगर सरकार इसपर अमलीजामा पहनाती है, तो यह माध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी जीवनी से काम नहीं होगा।

बीजेपी शासित भारत सरकार आम चुनाव को देखते हुए अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग को आकर्षित करने से बिलकुल भी नहीं चूकना चाहेगी । आईएएनएस की खबर के मुताबिक टैक्स के स्लैब में कुछ बदलाव करने की योजना बनाई गई है। जो कि डायरेक्ट टैक्स टैक्स नियमों के अनुरूप होंगे। डायरेक्ट टैक्स कोड रिपोर्ट लागू होने से पहले एक फ़रवरी को आम बजट पेश करने वाली है। इस दरमियान रिपोर्ट आने से पहले टैक्स स्लैब में कटौती की जा सकती है। नए डायरेक्ट टैक्स कोड के दायरे में अधिकतम असेसमेंट को टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश की जाएगी। इससे विभिन्न वर्गों के टैक्स पेयर्स के लिए समान प्रणाली बनायीं जाए, कार्पोरट टैक्स में कमी की जाए और बिज़नेस में कम्पटीशन पैदा किया जाए।वर्तमान टैक्स स्लैब

पिछले साल 5 लाख रुपये की आमदनी सरकारी कर्मचारियों को सालाना 15,000 रुपये तक का मेडिकल खर्च, 19,200 रुपये तक के ट्रैवेल अलाउंस की जगह 20,000 रुपये की मानक कटौती लायी गई थी। खबर है कि इसे फिर से बहाल किया जा सकता है।

फिलहाल ढाई लाख रुपए की आमदनी को इनकम टैक्स में छूट मिलती है। जबकि ढाई से पांच लाख रुपए के बीच की सालाना आमदनी पर 5 फीसदी टैक्स लगता है, वहीं, 5-10 लाख रुपए की सालाना आमदनी पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपए से अधिक की सालाना आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स लगता है।

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