Breaking : CBI ने अपने ही अधिकारी को किया गिरफ्तार, 22 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा

3 फरवरी को CBI ने अपने ही विभाग के सीनियर इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर के घर से रिश्वत के 22 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। सीबीआई ने आरोपी इंस्पेक्टर को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से 48 घंटे के लिए पुलिस क’स्टडी रिमांड मिली है। जानकारी के मुताबिक नोएडा का रहने वाला इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह राठौर गाजियाबाद सीबीआई ब्रांच में तैनात है।

वीरेंद्र सिंह यूपी पुलिस में तैनात रहा है। लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ व पश्चिमी यूपी के कई महत्वपूर्ण थानों में तैनात रह चुका है। वर्तमान में प्रति नियुक्ति पर सीबीआई में है। बीते एक साल से सीबीआई एकेडमी में तैनात था। दो महीने पहले गाजियाबाद स्थित सीबीआई की ब्रांच में तैनाती मिली थी।

वीरेंद्र पर आरोप है कि उसने ग्रेटर नोएडा के कासना थाने में दर्ज यमुना एक्सप्रेस-वे से संबंधित केस के आरोपियों से पिछले दिनों समझौता कराने और कार्रवाई नहीं करने को लेकर सेटिंग की। इसके बदले आरोपी ने संबंधित पार्टी से मोटी रिश्वत की मांग की, जिस पर संबंधित पक्ष सहमत हो गया। पार्टी ने 22 लाख रुपए बतौर रिश्वत के तौर पर इंस्पेक्टर के नोएडा स्थित फ्लैट पर पहुंचाए। दिल्ली सीबीआई एसी-6 ब्रांच की टीम मामले को ट्रैप कर रही थी।

रविवार को जैसे ही संबंधित पार्टी इंस्पेक्टर के घर से निकली तो सीबीआई की टीम ने छापा मार दिया। मौके से रिश्वत की 22 लाख रुपए जब्त किए गए। इसके बाद इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर गाजियाबाद मजिस्ट्रेट नूरी अंसारी के सामने पेश किया गया। सीबीआई के लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर और पीओ संजय कुमार सिंह ने पीसीआर पर बहस की। सीबीआई ने चार दिन की पीसीआर मांगी, लेकिन कोर्ट 48 घंटे की रिमांड को मंजूरी की।

बता दें कि उधर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी CBI अधिकारी को कोलकाता पुलिस से पकड़ने पर पूरी रात धरने पर बैठी रहीं। ऐसा उन्होंने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को बचाने के लिए किया। मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी धरने पर बैठी। अब जब सारी रात एक अधिकारी को बचाने के लिए ममता धरने पर बैठी तो जाहिर सी बात है आप ये जानना चाह रहे होंगे कि आखिर वो अधिकारी कौन हैं? राजीव कुमार को ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है। ममता ने खुद ट्वीट कर राजीव कुमार को दुनिया का सबसे ईमानदार अधिकारी बताया है।

CBI ने 3 जनवरी को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर छापेमारी की कोशिश की, तो देशभर में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर से पूछताछ के लिए पहुंची सीबीआई टीम को पुलिस ने ही उठा लिया। सीबीआई अधिकारी को उठाने के बाद विधान नगर थाने ले गई। इसके बाद सीबीआई के अधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में छोड़ दिया।

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