कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा

कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर अपने चुनावी हलफनामे में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और चुनाव आयोग को उनका नामांकन खारिज करना चाहिए. दूसरी तरफ, स्मृति ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि भले ही उन्हें कितना भी अपमानित और प्रताड़ित किया जाता रहे वह अमेठी के लिये और कांग्रेस के खिलाफ मेहनत से काम करती रहेंगी. कांग्रेस ने स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे को लेकर चुनाव आयोग में प्रतिवेदन किया और उनका नामांकन खारिज करने की मांग की.
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि समस्या यह नहीं है कि कोई कितना पढ़ा है, लेकिन जब इस देश की प्रजातांत्रिक प्रणाली को धोखा देकर, झूठ बोलकर जनता की आंख में धूल झोंकने की कोशिश की जाती है तो दिक्कत है. उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने अलग अलग चुनावी हलफनामे में अलग अलग जानकारी दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं.  न देश के प्रधानमंत्री की डिग्री का पता है और न ही उनकी इस मंत्री की डिग्री का पता है. सुरजेवाला ने कहा कि हमने कहा है कि यह कादाचार है. उनका नामांकन खारिज करना चाहिए. 
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने मशहूर सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के गीत की तर्ज पर कहा, कि क्वालीफिकेशन के रूप बदलते हैं, नए नए सांचे में ढलते हैं. एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते एफेडिएविट नए हैं… क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी. उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पिछले कुछ चुनावों के हलफनामों की प्रति जारी करते हुए कटाक्ष किया कि स्मृति ईरानी जी ने बताया कि किस तरह से ग्रेजुएट से 12वीं पास हो जाते हैं, यह मोदी सरकार में ही मुमकिन है. 2004 के लोकसभा चुनाव के अपने हलफनामे में स्मृति बीए थीं. फिर 2011 राज्यसभा के चुनावी हलफनामे में वह बीकॉम फस्ट ईयर बताती हैं. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में फिर वह बीए पास कर लेती हैं. अब फिर से उनके पास बीकॉम फर्स्ट ईयर की डिग्री हो गई है. 

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