कोर्ट ने फिर टाली तारीख, 29 जनवरी को राम मंदिर मामले पर नहीं होगी सुनवाई

लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, उसके साथ ही मंदिर निर्माण को लेकर घमासान भी जारी है। बता दें कि, इस मामले में 29 जनवरी को सुनवाई होनी थी जिसके लिए नई बेंच का गठन भी हाल ही में किया गया था। लेकिन अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले पर सुनवाई टाल दी है।

29 जनवरी की सुनवाई टली

अयोध्या मामले को लेकर अब नई बेंच का गठन हुआ था लेकिन, इस सुनवाई से पहले ही कोर्ट सुनवाई टाल दी है। बताया जा रहा है कि, 5 जजों की नई बेंच का गठन किया गया था जिसमे एक जज की मौजूद न रहने की वजह से मंदिर मामले की सुनवाई को टाल दिया गया है। इस बेंच में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर को शामिल किया गया है। लेकिन 5 जजों की बेंच की सुनवाई होने से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने तारीख़ को आगे बढ़ा दिया है। हालांकि यह सुनवाई कब होगी इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

24 घंटे में कर सकते हैं समाधान

जाहिर है चुनाव नजदीक आने के साथ ही राम मंदिर को लेकर घमासान तेज है। एक तरफ विपक्ष तो मोदी सरकार पर हमलावर है ही, वहीं कई हिंदू संगठन और यहां तक की RSS भी केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रही है। वहीं अब सीएम योगी का भूमि विवाद पर बड़ा बयान सामने आया है। सीएम ने कहा इस मसले पर लोगों का धैर्य अब समाप्त हो रहा है और सर्वोच्च न्यायालय इस विवाद पर जल्द आदेश देने में असमर्थ है। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘इसे हमारे हवाले कर देना चाहिए और 24 घंटे के भीतर इसका समाधान हो जाएगा।’ मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले आगामी आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में ज्यादा सीटें जीतने का भी दावा किया है।

योगी ने कहा-मंदिर का निर्माण वह ही करवा सकते हैं

मिशन 2019 की तैयारी में इन दिनों सभी पार्टियां जनता को लुभाने में लगी हैं। वहीं इसी बीच राम मंदिर निर्माण को लेकर भी सियासी हलचल अपने चरम पर है। इस कड़ी में अब सीएम योगी ने एक बार फिर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनता से कहा कि, अगर वह कह रहे हैं कि, जनता मंदिर बनवाने वाले को ही वोट देगी। तो हम उनको बता दें कि, हम ही मंदिर का निर्माण करवा सकते हैं। जाहिर है पिछले दिनों मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाये जाने की मांग की गई थी। लेकिन अभी इसपर कुछ आदेश नहीं आया है।

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