क्या आपको पता है? धनिया के बीज के शीर्ष 9 स्वास्थ्य लाभ

भारतीय पाक कला के कई अद्भुत मसालों में धनिया के बीज शामिल हैं। थोड़ी मात्रा में धनिया का उपयोग करना हर तरह से अच्‍छा है!

धनिया के बीज भारतीय पाक कला का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। हम उन्हें या तो साबुत उपयोग में लाते हैं, या अपनी करी, सूप, और सब्जियों में पीस कर डालते हैं। इसकी पत्तियों का – जिन्‍हें भी धनिया ही कहा जाता है – बड़े पैमाने पर खाने में सजावट के लिए उपयोग किया जाता है। ताजा बनी धनिये की हरी चटनी के अद्भुत स्वाद और गंध के मुकाबले कुछ भी नहीं है। अमेरिका और यूरोप में, धनिया को सिलान्‍ट्रो कहा जाता है।

खाने में इस्‍तेमाल करने के अलावा, धनिया के बीजों का उपयोग औषधि के रूप में भी होता है क्‍योंकि इनमें काफी औषधीय गुण पाये जाते हैं, और प्राचीन काल से ही इन बीजों का दवाओं में उपयोग किया जाता रहा है। इसके लाभों में निम्‍नलिखित शामिल है:

  1. ब्‍लड शुगर को कम करता है – यह डायबिटीज यानी मधुमेह के उपचार में स्वाभाविक रूप से कारगर है, और इंसुलिन के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसके चिकित्सीय प्रभावों के कारण, ब्‍लड शुगर की कमी से पीड़ित लोगों को धनिया उत्पादों के सेवन से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
  2. महिलाओं का स्वास्थ्य – गंभीर माहवारी से पीड़ित महिलाओं को अपने आहार में धनिया के बीज शामिल करना चाहिए। इससे एंडोक्राइन ग्रंथि और हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, और माहवारी के प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। धनिया माहवारी के दौरान ऐंठन और सूजन के मामले में भी सहायक है। इनसे राहत के लिए गर्म पानी में फुलाये गये बीज को रोजाना लेना चाहिए।
  3. न्यूरो-सुरक्षात्मक लाभ – कहते हैं कि कि धनिया के बीज में तंत्रिका तंत्र को क्षति से बचाने वाली सूजन और जलन रोधी विशेषताएं होती हैं । यह पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम का बड़ा स्रोत है। कुछ मामलों में, शीशा, पारा, एल्यूमीनियम आदि जैसी विषाक्त धातुएं भी हमारे शरीर में जमा हो जाती हैं, जिसके कारण अल्जाइमर, स्मृति-हानि, और दृष्टि की हानि जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इन विषाक्त धातुओं को दूर करने में धनिया के बीज मदद करते हैं, और इन कठोर किस्‍म की जहरीली धातुओं के सभी अंशों को समाप्‍त कर देते हैं, क्‍योंकि धनिया के इन बीजों में प्राकृतिक यौगिक पाये जाते हैं।

4. ब्‍ लड प्रेशर कम करता है – हाइपरटेंशन यानी उच्‍च रक्‍तचाप से पीड़ित लोगों में धनिया के बीज के सेवन से ब्‍लड प्रेशर को कम होते देखा गया है। उच्च रक्तचाप के इलाज से, रक्त के थक्के बनने और स्ट्रोक, यानी दिल का दौरा पड़ने का जोखिम भी काफी कम हो जाता है। धनिया के बीजों का शरीर पर डाइयूरेटिक इफेक्‍ट यानी मूत्रवर्धक प्रभाव भी होता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

5. पाचन बढ़ाने में मदद करता है – धनिया के बीज में एंटीऑक्सिडेंट पाये जाते हैं, जो लीवर यानी यकृत की स्वस्थ कार्यप्रणाली में सहायता करते हैं। धनिया पाचन के लिए जरूरी एंजाइमों का निर्माण करने में मदद करती है, जो अपच के मामले में लाभकारी हैं। रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया के बीज भिगो दें, और सुबह उठकर इसे पीयें। इससे आपको अपच को रोकने में मदद मिलेगी।

6. खाद्य विषाक्तता के मामले में सुरक्षा प्रदान करता है – धनिया में जीवाणुरोधी गुण पाये जाते हैं और इसमें प्राकृतिक यौगिक, डोडेसीनल भी प्रचूर मात्रा में मिलता है, जो साल्मोनेला के कारण हुई खाद्य विषाक्तता के मामले में किसी भी औपचारिक एंटीबायोटिक से बेहतर काम करता है। अगर आप अपने भोजन में इस मसाले का नियमित रूप से उपयोग करते हैं, तो आप वास्तव में किसी भी संभावित जीवाणु संक्रमण से अपने शरीर की रक्षा कर रहे हैं।

7. मूत्र नली के संक्रमण को ठीक करने में मदद करता है – धनिया में कूलिंग करने के गुण होते हैं, और जब आपको यूटीआई यानी मूत्र नली का संक्रमण हो जाता है तो इससे जलन वाली सनसनाहट को दूर करने मदद मिलती है। आपके लिए सुझाव है कि आप रात भर एक गिलास पानी में धनिया के 2 चम्मच डाल कर भिगो दें और सुबह इसे कुछ रॉक कैंडी यानी मिश्री के साथ मिलाकर पीएं। यह नली में होने वाली जलन से राहत दिलाने में काफी मददगार रहेगा।

8. एनीमिया – धनिया के बीज आयरन के अद्भुत स्रोत हैं। इनका नियमित सेवन आयरन स्तर को बढ़ा सकता है।

9. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है – धनिया में लिनोलेइक एसिड, पाल्मिटिक एसिड, और एस्कॉर्बिक एसिड होता है। एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करते हुए, ये एसिड एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह धमनी की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल को जमा होने से रोकती है।

अब समय आ गया है कि आप धनिया फ्लेवर के साथ अपने जीवन को मनोरंजक बनायें। रोज खाये जाने वाले मसालों में इस सुगंधित मसाले को शामिल करें, और अपने स्वास्थ्य में अविश्‍वसनीय से लगने वाले इन तरीकों से ताजगी भरें।

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