जानिए शुभ मुहूर्त होली का और किसे कहते हैं ‘होली का डंडा’

होली में रंगों के साथ-साथ होलिका दहन की पूजा का भी खास महत्व है. रंगों वाली होली से एक दिन पहले चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है. इसे छोटी होली और होलिका दीपक भी कहते हैं. इस दिन बड़ी संख्याओं में महिलाएं होली की पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस पूजा से घर में सुख और शांति आती है. अगर आप भी इस बार होलिका दहन की पूजा कर रही हैं, तो यहां दी गई आसान विधि को देखें. आपको बता दें, इस बार रंगों वाली होली 21 मार्च और होली की पूजा 20 मार्च को की जानी है.
पूजा के लिए होलिका दहन के लिए होली जलाई जाती है, ये होली माघ महीने की पूर्णिमा के दिन से शुरू हो जाती है. इस दिन से ही महिलाएं गुलर के पेड़ की टहनी को चौराहों पर गाड़ देती हैं, इसे होली का डंडा गाड़ना कहते हैं. इसके बाद होली की पूजा के दिन तक धीरे-धीरे लड़कियां बढ़ाई जाती हैं. फाल्गुन पूर्णिमा के दिन इसी होली को जलाकर गांव की महिलाएं होली का पूजन करती हैं.

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