दूसरा शाही स्नान आज, करीब 3 करोड़ श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी

प्रयागराज कुंभ मेला में मौनी अमावस्या का दूसरा शाही स्नान सोमवार को तड़के शुरू हो गया। कुंभ के सभी अखाड़ों को तीन वर्गों में बांटा गया है। सन्यासी, बैरागी और उदासीन। सबसे पहले सन्यासी अखाड़े के संत शाही स्नान करेंगे, इसके बाद बैरागी और अंत में उदासीन के संत शाही स्नान करेंगे।

शाही स्नान की शुरुआत सुबह 6:15 बजे सन्यासी अखाड़ों के संन्यासियों के स्नान के साथ शुरू हो गई। सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री पंचायती अटल अखाड़ा के संतों ने डुबकी लगाई। इन अखाड़ों के संन्यासी 6:15 बजे शाही स्नान के लिए घाट पर पहुंचे। 40 मिनट के भीतर स्नान करके संन्यासी को 6:55 बजे लौट आए।

शही स्नान के लिए संगम तट पर करीब 41 घाट बनाये गए हैं। इसके बाद बैरागी और उदासीन अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। सभी अखाड़ों को अमरत्व स्नान के लिए 40 मिनट का समय दिया गया। मेला प्रशासन के अनुसार आज यहां करीब तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है।

कुंभ मेला परिसर में भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक एस.एन साबत ने बताया कि मेला के लिए जो सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, उसका अभ्यास हमने कर लिया है। मकर संक्रांति के स्नान की तुलना सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। किसी भी इमरजेंसी से निपटने का भी अभ्यास किया गया है। साथ ही रेलवे की निगरानी व्यवस्था और मेला की निगरानी व्यवस्था के बीच सामंजस्य स्थापित किया गया है।

आईजी (कुंभ मेला) के।पी। सिंह ने बताया कि मेला परिसर में अर्धसैनिक बालों की तैनाती की गयी है। अलग दिशाओं से आ रहे लोगों को मेला क्षेत्र में उनकी सहूलियत के हिसाब से घाटों पर भेजा जा रहा है। बनारस की ओर से आ रहे श्रद्धालुओं को ऐरावत घाट पर भेजा जा रहा है।

मेला प्रशासन ने संगम के घाटों पर सुगम स्नान के प्रबंध किए हैं। जाल के साथ बैरीकेडिंग की गई है। पैरा मिलिट्री की 17 कंपनियां, आरएएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों की 37 कंपनियां तैनाती की गई हैं। एनडीआरएफ की 10 कंपनियां मेला परिसर में मुस्तैद की गई हैं। होमगार्ड के 14 हजार जवानों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अतिरिक्त घुड़सवार पुलिस कर्मी मेला क्षेत्र की सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं।

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