द्रौपदी का ऐसा रहस्य जिसे सुनकर सभी पांडव हो गए थे हैरान, आप भी जानें

महाभारत विश्व का सबसे बड़ा धर्मग्रन्थ है | अलग अलग विद्वान अपने अनुसार इसकी अलग अलग व्याख्या करते हैं | इसमें कुछ ऐसी भी घटनाए हैं जिनके बारे में कम लोगों को ज्ञात है | आज हम आपको ऐसी ही एक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं |

द्रौपदी पांच पांडवो की पत्नी थीं लेकिन उनका प्रेम किसके लिए सबसे अधिक था, आज इस घटना के माध्यम से आपको पता चल जाएगा | एक प्रचिलित कथानक के अनुसार, एक बार द्रौपदी ने भ्रमण करते हुए अंगूर के गुच्छे को पेड़ पर लगे हुए देखा और उसे तोड़ लिया | तभी भगवान कृष्ण वहाँ आए और उन्होंने द्रौपदी को बताया कि उस अंगूर के गुच्छे से एक ऋषि अपने व्रत को तोड़ने वाले थे | यह सुनकर सभी परेशान हो गये और ऋषि के कोप से बचने के लिए उन्होंने कृष्ण को मार्गदर्शन करने को कहा |

कृष्ण ने कहा कि मैं इस अंगूर के गुच्छे को पेड़ के ठीक नीचे रखूंगा और सभी लोगों को एक एक करके यहाँ आना है और अपने रहस्य खोलना है | यदि किसी ने झूठ कहा तो यह अंगूर दोबारा कभी पेड़ से नहीं जुड़ेगा और हम सभी को ऋषि के आने पर उनके कोप का सामना करना पड़ेगा |

पहले युधिष्ठिर आए और उन्होंने कहा कि अन्याय, अधर्म के स्थान पर धर्म और सत्यता का प्रसार होना चाहिए | ऐसा कहते ही फल थोड़ा ऊपर हवा में उठा गया | इसके बाद वहाँ भीम आए और उन्होंने कहा कि मेरी भोजन, युद्ध, आराम और नींद के प्रति आसक्ति कभी कम नहीं होती और जो भी मेरी गदा को हाथ भी लगाएगा उसे मेरे क्रोध का सामना करना पड़ेगा | भीम के ऐसा कहते ही फल थोडा और ऊपर उठा |

इसके बाद अर्जुन की बारी आई, उन्होंने कहा कि मुझे ख्याति और प्रतिष्ठा मेरे प्राणों से भी प्रिय है और जब तक में कर्ण को मार नहीं दूंगा मेरे जीवन का उद्देश्य नहीं पूर्ण होगा | इसके बाद नकुल और सहदेव भी सत्य बोलकर चले गये | अब द्रौपदी की बारी आई, उन्होंने कहा कि पांचो पति मेरी पांच इन्द्रियों की तरह हैं | लेकिन उनके यह कहने के बाद भी वह अंगूर का गुच्छा जस का तस उसी स्थान पर बना रहा | सभी समझ गये कि द्रौपदी अभी भी अपना कोई रहस्य छिपा रही है |

इसके बाद द्रौपदी ने कहा कि वे पाँचों पांडवों के अतिरिक्त कर्ण से भी प्रेम करती हैं, लेकिन जाति के कारण मैं उससे विवाह न कर सकी | अब मुझे पछतावा है क्योंकि यदि में कर्ण से विवाह करती तो आज मेरी वजह से सभी की यह दुर्दशा कभी न होती | यह सुनकर सभी हैरान रह गये और पांडवों को यह एहसास हुआ कि उन्होंने द्रौपदी की इच्छाओं को अब तक नज़रन्दाज़ किया | आगे भी ऐसी ही रोचक जानकारियों के लिए हमें फॉलो करना न भूलें |

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