आसाराम को मिली अपने कर्मों की सजा,जबकि शिवा और प्रकाश बरी….

 आसाराम आश्रम की प्रवक्ता नीलम दूबे ने कहा- हम कोर्ट का सम्मान करते हैं।  फैसला पढ़कर आगे का कदम उठाएंगे। बता दें कि फैसले से पहले जोधपुर जेल के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ड्रोन कैमरे से जेल के बाहर नजर रखी जा रही थी। यूपी के शाहजहांपुर में, जहां की पीड़िता है, वहां भी सुरक्षा के मजबूत इंतजाम हैं. पुलिस के आलाधिकारी इस पर नजर बनाए हुए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, आसाराम फैसले से पहले बैरक में 15 मिनट तक पूजा करता रहा।

 

फैसला सुनाने के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल में ही कोर्ट तैयार किया गया था, जहां आसाराम बंद है। फैसले से पहले कहा जा रहा था कि आसाराम को इस केस में न्यूनतम 3 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है, हालांकि बरी किए जाने की स्थिति में भी आसाराम जेल से रिहा नहीं होंगे क्योंकि उनके खिलाफ सूरत की दो बहनों से रेप के दो केस अहमदाबाद कोर्ट में चल रहे हैं।

बता दें कि आसाराम करीब 4 साल से इसी जेल में बंद है। जोधपुर सेंट्रल जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि आज सुबह 8.30 बजे मामले की सुनवाई शुरू हो सकती है। लेकिन उससे पहले जज मधुसूदन शर्मा कोर्ट जाएंगे। ऐसे में देरी भी हो सकती है। कोर्ट ने 7 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

यह है जोधपुर केस का पूरा मामला

दिल्ली के कमलानगर थाने में 19 अगस्त 2013 को आसाराम पर एफआईआर दर्ज की गई। आसाराम पर जीरो एफआईआर दर्ज हुई। एफआईआर में आईपीसी की धारा 342, 376, 354-ए, 506, 509/34, जेजे एक्ट 23 व 26 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत केस दर्ज हुआ। दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल कराया गया।

31 अगस्त 2013 को इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया गया। जोधपुर सेशन कोर्ट में आरोप तय किए गए। आरोप पत्र में 58 गवाह पेश किए गए, जबकि अभियोजन पक्ष की तरफ से 44 गवाहों ने गवाही दी। 11 अप्रैल 2014 से 21 अप्रैल 2014 के दौरान पीड़िता के 12 पेज के बयान दर्ज किए गए। 4 अक्टूबर 2016 को आसाराम के मुल्जिम बयान दर्ज किए गए।

 

22 नवम्बर 2016 से 11 अक्टूबर 2017 तक बचाव पक्ष ने 31 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके साथ ही 225 दस्तावेज जारी किए। एससी-एसटी कोर्ट में 7 अप्रेल को बहस पूरी हो गई और कोर्ट ने फैसला सुनाने की तारीख 25 अप्रेल तय कर दी। पुलिस की चार्जशीट में आसाराम को नाबालिग छात्रा को समर्पित करवा कर यौन शोषण करने का आरोपी माना है।

नाबालिग लड़की से रेप केस में आसाराम दोषी ठहराए गए हैं। उनके साथ ही उनकी राजदार शिल्पी, शरतचंद्र को दोषी माना है। वहीं कोर्ट ने शिवा और रसोइया प्रकाश को बरी कर दिया है।

 

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