पुलवामा हमला: शहीदों को याद कर रो रहा उनका गांव

गोविंदपुरा गांव के रोहिताश लांबा कल पुलवामा हमले में शहीद हो गए. रोहिताश पिछले हफ्ते ही गांव आये थे. शहीद के पिता किसानी करते हैं और शहीद का एक छोटा भाई भी है. रोहिताश के शहीद होने की खबर से गांव में मातम पसरा हुआ है. वो पिछली बार जब घर आये थे, तब उनके दो महीने के बेटे का दशोठन था. परिजन बताते हैं की रोहिताश काफी खुश थे. शहीद रोहिताश ने 2013 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था. वहीं जब रोहिताश के शहीद होने की खबर गांव पहुंची तो उनके परिवार की महिलाओ को ये खबर नहीं दी गयी थी.

दूसरी तरफ राजस्थान के धौलपुर के भागीरथ के शहीद होने की खबर आयी. उनके गांव में भी मातम पसरा हुआ है. शहीद भागीरथ की शादी 4 साल पहले ही हुई थी और उनके दो बच्चे हैं, जिनको वो अपने पीछे छोड़ कर चले गए. पिछले महीने ही वो अपने घर आये थे.

आप को बताते चलें कि कोटा के हेमराज मीणा भी इस हमले में शहीद हुए हैं. हेमराज का 6 वर्षीय बेटा ऋषभ बड़े साहस और हिम्मत से बोलते हुए ये कह रहा कि वो पुलिस और आर्मी में भर्ती होकर आतंकवादियों का सफाया कर देगा. वहीं शहीद हेमराज की बेटी रीना ने रोते हुए देश की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए। रीना ने गुस्से में बोलते हुए कहा की अभी सरकार के कुछ लोग आएंगे और बड़ी बड़ी बाते करके चले जायेंगे. लेकिन आतंकवाद को खत्म करने का कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जायेगा। हेमराज के शहीद होने बाद अब उनके 4 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया. हेमराज के तीन और भाई है जो खेती और किसानी करते हैं.

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