यहां आज भी रखा हुआ है लंकेश का शव…नहीं हुआ था रावण का अंतिम संस्कार

रामायण में भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध का विस्तृत वर्णन है। युद्ध में श्रीराम ने रावण का वध कर दिया था और लंका का शासन विभीषण को सौंप दिया था।

ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि रावण के शव का क्या हुआ? उसका अंतिम संस्कार कहां किया गया? ऐसे कई सवाल आज भी बरकरार हैं लेकिन श्रीलंका सरकार व अनेक लोगों का दावा है कि रावण का शव आज भी धरती पर मौजूद है। उसे ‘ममी’ बनाकर सुरक्षित रखा हुआ है जैसे मिस्र के पिरामिडों में प्राचीन काल के राजाओं के शव रखे जाते थे। श्रीलंका के पुरातत्व विभाग ने भी इस बात का जिक्र किया है।

यह ममी वहां के रागला जंगलों में रखी हुई बताई जाती है। माना जाता है कि जब रावण का वध कर दिया गया तो उसके सैनिकों ने उसे पुनर्जीवित करने के अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। वे अपने प्रिय राजा का शव इसलिए जलाना नहीं चाहते थे क्योकि उनको उम्मीद थी एक दिन रावण जीवित हो जाएगा। इसलिए उन्होंने शव को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न रसायनों का इस्तेमाल किया और उसे ममी के रूप में रख दिया।

माना जाता है कि रागला के जंगलों में रावण की ममी आज भी रखी हुई है। यह काफी घना जंगल है जहां अनेक हिंसक पशु रहते हैं। ममी के आसपास के इलाके में कई जहरीले सांप और खुंखार जानवर निवास करते है जो कि रावण की ममी की रखवाली करते हैं।

कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ममी के नीचे रावण का खजाना है। हालांकि कई लोग इस बात से सहमत नहीं हैं, क्योंकि कि इतने वर्षों तक किसी खजाने की जानकारी होने के बाद वहां उसका शेष रहना संभव नहीं लगता।

रावण बहुत ज्ञानी और पराक्रमी था। माना जाता है कि रावण की ममी की लंबाई करीब 18 फीट है। रावण का शव जिस ताबुत में रखा गया है, उसपर एक खास किस्म का लेप लगा है, जिससे वो ताबुत हज़ारों साल से जस का तस है इसके अलावा भी श्रीलंका में रावण से जुड़े अनेक प्रमाण बताए जाते हैं। श्रीलंका के लोग अपने पूर्वजों से ये बातें सुनते आए हैं।

हो सकता है कि इनमें कई बातें विज्ञान की कसौटी पर खरी न उतरें लेकिन वहां के लोगों की अपनी मान्यताएं हैं और मान्यताएं प्रायः किसी वैज्ञानिक कसौटी की परवाह नहीं करतीं। श्रीलंका में आज भी रामायण से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जो बीते हुए रामायण काल के इतिहास की गवाही देते हैं

नागकुल के लोग ले गए थे रावण का शव :

लंकाधिपति रावण की मृत्यु के बाद उसके अंतिम संस्कार की ज़िम्मेदारी विभिषण को सौंपी गई थी लेकिन लंका की राजगद्दी संभालने की जल्दी में विभिषण ने रावण के शव को वैसे ही छोड़ दिया था. जिसके बाद रावण के शव को नागकुल के लोग अपने साथ ले गए थे. नागकुल के लोगों को यकीन था कि रावण की मौत क्षणिक है वो फिर से जीवित हो जाएगा।

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