युवराज सिंह ने क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक हुआ पूरा हिंदुस्तान।

आज का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए काफी भावनाओं भरा रहा , क्योंकि आज क्रिकेटर युवराज़ सिंह ने क्रिकेट के सभी फॉरमेट से सन्यास का एलान कर दिया। आज मुम्बई मे उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने सन्यास का ऐलान किया।

साल 2000 में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले युवराज़ सिंह का क्रिकेट करियर 19 सालो का रहा। इस 19 वर्ष के क्रिकेट सफ़र में उन्होंने बहुत सी उपलब्धियाँ हासिल की। साथ ही भारतीय क्रिकेट को भी एक नई ऊँचाई तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एकदिवसीय क्रिकेट हो या फ़िर T20 क्रिकेट हर जग़ह पर युवराज़ ने ख़ुद को एक बेहतर बल्लेबाज़ के रूप में साबित किया है।

साल 2007 का T20 वर्ल्डकप हो या फ़िर साँप 2011 का Odi विश्वकप, जब -जब भारतीय बल्लेबाज़ी को युवराज़ की ज़रूरत पड़ी है, उन्होंने निराश नहीं किया। साल 2011 में कैंसर से पीड़ित होने के बाद दुनिया भर को लगने लगा था कि क्रिकेट का ते सूरज अब ढल गया है। लेकिन युवराज़ ने फ़िर से क्रिकेट में वापसी करके बता दिया कि सूरज, फिर से उगने के लिए ही डूबता है। 2007 और 2011 वर्ल्डकप की जीत में युवराजसिंह ने बहुत अहम भूमिका थी। 2011 वर्ल्डकप में वो मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे।

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