लोकपाल मुद्दे पर बना सकते हैं दबाव… बापू की पुण्यतिथि पर अन्ना हजारे करेंगे सरकार के खिलाफ अनशन

साल 2011 में जनलोकपाल बिल को लेकर नई दिल्ली के जंतर मंतर से यूपीए सरकार की सत्ता हिला देने वाले अन्ना हजारे फिर से आंदोलन करने जा रहे हैं।

आज यानि 30 जनवरी से लोकपाल और लोकायुक्त नियुक्ति की मांग को लेकर अन्ना हज़ारे अपने गांव रालेगढ़ सिद्धि में भूख हड़ताल शुरू करेंगे।इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि लोकपाल बिल 2013 में बना, अगले ही साल सरकार बदलने के बाद उन्हें उम्मीद थी, कि मोदी सरकार कुछ कड़े कदम उठाएगी। लेकिन पिछले 5 सालों में कोई कदम नहीं उठाया गया। इस बाबत उन्होंने कई बार पीएम मोदी को पत्र लिखकर लोकायुक्त की मांग की, लेकिन उनकी किसी मांग पर सरकार ने गौर नहीं किया। इसलिए अब आज से अपने गांव रालेगण सिद्धि से भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

समाजसेवी अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि पीएम मोदी ने सत्ता के लिए सत्य का साथ छोड़ दिया है। मोदी सरकार ने जनता को धोखा दिया। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद उन्हें विश्वास था, कि वह लोकपाल और लोकायुक्त कानून बिल जल्दी आएगा। लेकिन 5 साल बीत जाने के बाद सरकार का लोकपाल के प्रति बिलकुल ढुलमुल रवैया रहा है।

इस बार अन्ना ने किसी भी पार्टी को उनके अनशन में शामिल होने से मना किया है।लेकिन उनके कुछ पुराने साथी योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और कुमार विश्वास अन्ना को समर्थन देने रालेगण सिद्धि पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकपाल और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण कानून पर अमल न करके सरकार ने बार-बार झूठ बोला है। पीएम मोदी और उनकी सरकार संवैधानिक संस्थाओं के निर्णय का पालन नहीं कर रही है। यह सरकार देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। लोकपाल पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद सरकार की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

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