वक्त रहते बचाएगी मरीज की जान…तंग गलियों और जाम से निकालकर मरीज को अस्पताल पहुंचाएगी ये बाइक

 बाइक एंबुलेंस तंग गलियों और भारी जाम से भी निकालकर मरीज को अस्पताल पहुंचाएगी । सरकार ने पिछले साल बाइक एंबुलेंस खरीदी थीं। इन 16 बाइक एंबुलेंस को फर्स्ट रिस्पांडर व्हीकल नाम दिया है। सभी बाइक फर्स्ट एड किट से लैस होंगी। ऑक्सीजन के छोटे सिलेंडर भी होंगे। इन पर एंबुलेंस की तरह ही लाइट और सायरन लगा है। प्रदूषण को देखते हुए इन बाइक पर ग्रीन किट लगाई है। पूर्वी दिल्ली के शाहदरा, पूर्वी और उत्तरी पूर्वी जिलों में इसे चलाया जाना है। इसे प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारी चलाएगा। यह मरीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं करेगा। यह सुविधा रात में उपलब्ध नहीं होगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्वी दिल्ली के लिए प्रायोगिक तौर पर बाइक एम्बुलेंस सेवाओं की शुरुआत की और कहा कि यह सेवा भीड़भाड़ वाले इलाके में अस्पताल ले जाने से पूर्व त्वरित चिकित्सा प्रदान करेगी। यहां दिल्ली सचिवालय के बाहर 16 बाइक एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि यह लोगों के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम है।

बाइक खरीदने के बाद सरकारी विभागों की लापरवाही के चलते इन पर फर्स्ट एड किट नहीं लगाई गई। पांच माह गुजरने के बाद भी किट उपलब्ध नहीं हुई। वहीं नई बाइक की सर्विस कराने का वक्त भी आ गया था। पहली सर्विस पिछले साल अक्टूबर में हुई थी। बताया जा रहा है कि अब लांच से पहले भी एक और सर्विस कराई गई है। बीते दिनों दिल्ली कैट्स यूनियन बाइक एंबुलेंस को लेकर विरोध भी जता चुकी है।

यूनियन की मानें तो बाइक एंबुलेंस के लिए 50 से अधिक उम्र के कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है, जबकि शारीरिक रूप से ये बाइक एंबुलेंस के लिए सक्षम नहीं है। यूनियन ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा था कि बाइक एंबुलेंस पर ऑक्सीजन सिलेंडर समेत 35 किलो वजन की सामग्री होगी। ऐसे में अगर युवाओं को इस नई बाइक एंबुलेंस सेवा की जिम्मेदारी दी जाए, तो बेहतर होगा।

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