श्रीकृष्ण के लिए भी बन गया था सिर दर्द…महाभारत का ऐसा योद्धा जो 2 माताओं से आधा आधा पैदा हुआ था

आज हम आपको महाभारत के युद्ध के ऐसे योद्धा के बारे में बता रहे हैं जिनकी कथा बेहद रोचक है। आज हम इस लेख में महाभारत के ऐसे योद्धा के बारे में बता रहें हैं जो 2 माताओं स आधा आधा पैदा हुआ था।

आज हम आपको बताएंगे मगध के राजा बृहद्रथ के पुत्र के बारे मे बता रहे हैं। मगध में राजा बृहद्रथ का शासन था, उन्होंने संतान प्राप्ति की इच्छा के लिए दो विवाह किये थे लेकिन उन्हें पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई। इसके बाद राजा बृहद्रथ महर्षि चंडकौशिक के आश्रम में जाकर उनकी सेवा करने लगें। बृहद्रथ की सेवा से प्रसन्न होकर ऋषि चंडकौशिक ने उन्हें एक फल दान में दिया इसके बाद कहा की इस फल को आप अपनी दोनों पत्नियों को आधा आधा खिला देंना, ईश्वर ने चाहा तो आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी।

बृहद्रथ ने उस फल को दोनो रानियां को खिला दिया जिससे रानियां गर्भवती हो गयीं। लेकिन जब उन्हें पुत्र हुआ तो वह आधा ही था जिसको देख कर राजा भयभीत हो गए और बालक को खिड़की से बाहर फेंक दिया। उस समय उस बालक के पास से ज़रा नाम की एक राक्षसी गुज़र रही थी, जिसने बालक को आधे भागों में देखा तो अपनी शक्ति से इन्हें जोड़ दिया। यह देख राजा अत्यधिक प्रसन्न हुए और उस राक्षसी के नाम पर अपने पुत्र का नाम जरासंध रख दिया।

जरासंध बड़ा होकर एक अत्याचारी राजा बना उसका संहार करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण पांडवो के साथ ब्राह्मण के वेश में उसके दरबार मे आएं। लेकिन कृष्ण को देख कर ही जरासंध जान गया कि ये कोई साधारण पुरुष नही है। जरासंध ने कृष्ण से उनका परिचय पूछा, जिसके बाद श्रीकृष्ण ने अपना और पांडवो का असली परिचय जरासंध को दिया। इसके बाद भीम ने जरासंध को मल्ल युद्ध की चुनौती दी। इसके बाद भीम व जरासंध के बीच मल्ल युद्ध हुआ जो तीन दिनों तक लगातार चलता रहा।

.युद्ध में किसी परिणाम को ना निकलता देख भगवान कृष्ण ने भीम को जरासंध की दुर्बलता के बारे में बताया, इसके बाद भीम ने जरासंध के दो टुकड़े कर उन टुकडों को अलग अलग दिशाओं में फेंक दिया। जिससे जरासंध मा,,रा गया।

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