17 की उम्र में मोहम्मद शहीर बना साइंटिस्ट

महज 11 साल में 25 से अधिक ऑनलाइन कोर्स से पढ़ाई कर चुके पाकिस्तान के मोहम्मद शहीर नियाज़ी सिर्फ 17 साल की उम्र में वैज्ञानिक बन चुके है। शहीर बचपन से ही वैज्ञानिक प्रयोग के लिए टेलीस्कोप और अन्य उपकरण लेते थे।

बता दें कि इन्होने इलैक्ट्रिक हनीकॉम्ब पर शोध किया है। उनके इस शोधकार्य को रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है। दरअसल पाकिस्तान के शहर लाहौर में रहने वाले हाईस्कूल के छात्र नियाज़ी ने हनीकॉम्ब बनने की प्रक्रिया को कैमरे में कैद करने में कामयाबी पाई है। इससे पहले किसी ने ऐसा नहीं किया था।

शहीर नियाज़ी पिछले साल चार छात्रों की टीम के साथ रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा फिजिक्स टूर्नामेंट में शामिल हुए थे जहां उन्हें इलैक्ट्रिक हनीकॉम्ब पर काम करने को दिया गया था। टूर्नामेंट में पहली बार नियाज़ी ने पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

इस टूर्नामेंट से वापिस आने के बाद लगातर एक साल शहीर नियाज़ी ने शोध पर मेहनत की उसके बाद इसे रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शहीर को 17वें जन्मदिन के कुछ दिन पहले प्रकाशक की तरफ से स्वीकृति पत्र मिला था।

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