357 करोड़ का बिल बकाया उपभोक्ताओं पर …..

प्रदेश सरकार ने प्रदेश में वर्ष 2013 में दीनबंधु योजना लागू की थी. इस योजना के तहत एससी-एसटी व बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं का बकाया बिल माफ किया गया था. 50 फीसदी राशि बिजली कंपनी व 50 फीसदी राशि प्रदेश सरकार ने माफ की थी. इस तरह इन उपभोक्ताओं का पूरा पैसा माफ हो गया था. इसके बाद बिल शून्य होने के बाद भी पांच साल में इन उपभोक्ताओं ने बिजली का बिल जमा नहीं किया. ग्वालियर रीजन में 2.77 लाख उपभोक्ताओं पर 357 करोड़ का बकाया.

इस कारण 2 लाख 77 हजार उपभोक्ताओं पर 357 करोड़ का बकाया हो गया है और कंपनी इन उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी नहीं काट पा रही न ही वसूली कर पा रही है. यह उपभोक्ता अनुसूचित जाति, जनजाति व बीपीएल श्रेणी के हैं. अब इस बकाए को लेकर बिजली कंपनी भी फिर से नई दीनबंधु योजना का इंतजार करने लगी है, जिससे यह बकाया बिल माफ हो सके.

अनुसूचित जाति, जनजाति व बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिल जमा नहीं होने से बकाए में बढ़ौतरी हुई है. बकाया होने से बिजली कंपनी हर साल टैरिफ में बढ़ौतरी कर देती है. इन उपभोक्ताओं की वजह से कंपनी के लाइन लॉस में भी वृद्धि होती है. इसे कम करने के लिए उन उपभोक्ताओं पर आकलित खपत लगाई जाती है जिनके मीटर खराब हैं.

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