आखिर क्यों एक मुर्गे को लेकर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में छिड़ी है जंग…

मध्यप्रदेश ने कड़कनाथ मुर्गे की उत्पत्ति झाबुआ जिले में होने का दावा किया है तो छत्तीसगढ़ के मुताबिक कड़कनाथ को प्रदेश के दंतेवाडा जिले में अनोखे तरीके से पाला जाता है। इस काले पंख वाले मुर्गे की प्रजाति के लिए ‘जीआई टैग’ प्राप्त करने के लिए चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेतक पंजीयन कार्यालय में आवेदन दिये हैं।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आजकल एक विवाद चल रहा है। यह विवाद किस कारण हो रहा है इसे जानने के बाद आपको हैरानी जरूर होने वाली है। दरअसल इन दोनों राज्यों के बीच विवाद का कारण कड़कनाथ मुर्गा है। कड़कनाथ मुर्गेे की प्रजाति लाजवाब स्वाद के लिए मशहूर है और दोनों राज्यों के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि कड़कनाथ मुर्गा है किसका।

श्रीनिवास गोगिनेनी के मुताबिक दंतेवाड़ा जिले में 160 से अधिक कुक्कुड फार्म चलाये जा रहे हैं। वहीं भगवान मंघनानी हैचरीज में सालाना करीब ढ़ाई लाख कड़कनाथ मुर्गों का उत्पादन किया जाता है।

विशेषज्ञों की मानें तो कड़कनाथ मुर्गे के मांस में आयरन एवं प्रोटीन की मात्रा अन्य प्रजाति के मुर्गों से बेहद ज्यादा होती है। इसी कारण यह मुर्गा बाजार में काफी महंगे दाम पर बिकता है। इसके मांस में 25 से 27 प्रतिशत प्रोटीन होता है जबकि चर्बी महज एक प्रतिशत होती है।

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