युवक ने रेप के बाद हत्या कर फेंका सेप्टिक टैंक में…..

द्वाराक जिला पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि उग्रसेन पार्क निवासी रामनाथा यादव ने 13 मई को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनका बेटा सचिन यादव 12 मई से घर से लापता है वह पर्दे की एक दुकान में काम करता है।

बता दें कि युवक 12 मई से अपने घर से लापता था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भूषण कुमार उर्फ वरूण और रितुराज उर्फ विक्की के रूप में हुई है। दोनों बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं और रिश्ते में साले-बहनोई है।

जब पुलिस ने दुकान के मालिक से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि सचिन से उनकी आखिरी बात 12 मई को हुई थी। 15 मई को सचिन के नंबर से उसके घरवालों को फोन आया कि वह उनके कब्जे में है, इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। फोन करने वाले ने फिरौती के तौर पर 50 लाख रुपये की मांग की।

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इन्होंने सचिन की हत्या 12 मई को ही कर दी थी। योजना के तहत इन्होंने प्रेम नगर में बकायदा एक कमरा किराये पर लिया था। वरुण सचिन को लेकर प्रेम नगर स्थित कमरे में पहुंचा। यहां बातचीत के दौरान रितुराज ने उसे पीछे से पकड़ा और उसके मुंह पर टेप बांधने लगा। जब सचिन चिल्लाने लगा तब हत्या कर दी। इसके बाद पर्दा काटने वाले ब्लेड से उसके शरीर के टुकड़े किए और टुकड़ों को दो अलग-अलग सेप्टिक टैंकों में डाल दिए।

पुलिस के अनुसार, इन्हें यह पता था कि सचिन के परिवार के पास एक प्लॉट है जिसकी कीमत लाखों में है। यदि उस प्लॉट का आधा हिस्सा भी बेच दिया जाए तो करीब 50 लाख रुपये आसानी से मिल सकते हैं। इकलौते बेटे होने के कारण सचिन का परिवार इतनी रकम आसानी से दे देगा। सचिन व वरुण एक ही दुकान में काम करते थे।

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