कैमिकल हमला-बचने का भी मौका नहीं मिला,180 से ज्यादा लोगों की मौत

कुछ ऐसा ही हुआ है शनिवार को सीरिया के डौमा शहर में हुआ है। यहां रासायनिक हमले की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जहां ये हमला हुआ वहां 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 

आधी रात के वक्त किसी भी इंसान की नींद सबसे गहरी होती है। ऐसे में अगर कोई भयंकर आपदा आ जाए तो लोगों को बचने का भी मौका नहीं मिलता।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डौमा शहर पूर्वी गोता के विद्रोहियों के कब्जे में है। यहां कल हुए हमले के बाद बेसमेंट में कई शव पड़े मिले हैं। बीबीसी के मुताबिक, स्वयंसेवी बचाव दल वॉइट हैलमेट्स ने ग्राफिक तस्वीरें पोस्ट कीं हैं। कई मेडिकल, निगरानी व कार्यकर्ता समूहों ने रासायनिक हमले के बारे में जानकारी दी है, लेकिन इनके आंकड़ों में भिन्नता है और क्या घटित हुआ था इसके बारे में जानकारी मिलनी अभी बाकी है।

विपक्ष समर्थक गोता मीडिया सेंटर ने कहा कि 180 से अधिक लोगों का दम घुट गया, जबकि हजारों लोगों को सांस लेने में तकलीफ से जूझना पड़ा। इसने आरोप लगाया कि हेलिकॉप्टर से जहरीला नर्व एजेंट सरीन वाला बैरल बम गिराया गया। सीरियाई अस्पतालों के साथ काम करने वाली एक अमेरिकी चैरिटी संस्था यूनियन मेडिकल रिलीफ ने बताया कि दमिश्क रूरल स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने 180 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

 

उधर, सीरियाई सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है। सराकरी एजेंसी सना ने कहा कि सीरियाई अरब सेना को किसी रासायनिक चीज का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है, जैसा कि आतंकवादियों के मीडिया सहयोगियों द्वारा दावा किया गया है। वहीं संदिग्ध केमिकल हमलों पर प्रतिक्रिया में अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने कई परेशान कर देने वाली रिपोर्ट देखी। सीरियाई सरकार का अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों को इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है।’ सरीन नर्व एजेंट का इस्तेमाल सीरिया में पहले भी हो चुका है।

 

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