यहाँ छिपकर बैठे हैं एलियन, खोज निकाला वैज्ञानिकों ने….

कैलिफोर्निया स्टेट पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राकेश मोगुल कहते हैं, पृथ्वी पर विपरीत परिस्थितियों में भी सूक्ष्म जीव पनप रहे हैं, तो शुक्र पर भी ऐसा हो सकता है.

बाहरी दुनिया के जीव एलियंस के होने पर वैज्ञानिक वर्षों से सबूत जुटाते रहे हैं और कई बार पृथ्वी भी उनके आने की खबर आती रही हैं. पृथ्वी पर कई जगहों पर लोगों ने एलियंस को स्पेसशिप से आते जाते हुए देखा है. अब वैज्ञानिक को अंदेशा है कि एलियंस का अड्डा पृथ्वी का पड़ोसी शुक्र ग्रह हो सकता है.

कुछ अध्ययनों में सामने आया है कि हमारे सौर मंडल के इस सबसे चमकीले ग्रह पर करीब दो अरब साल पहले पानी तरल रूप में मौजूद था. इसका मतलब हो सकता है कि मंगल ग्रह से वर्षो पहले शुक्र का वातावरण रहने योग्य था. इसी को आधार बनाकर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि शुक्र पर सूक्ष्म जीवों की पूरी प्रजाति विकसित हो चुकी होगी. कैलिफोर्निया स्टेट पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राकेश मोगुल कहते हैं, पृथ्वी पर विपरीत परिस्थितियों में भी सूक्ष्म जीव पनप रहे हैं, तो शुक्र पर भी ऐसा हो सकता है.

जाहिर है ऐसी स्थिति में जीवन का विकास असंभव है, लेकिन इसके वायुमंडल के बीच वाले हिस्से यानी 40 से 60 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच में सूक्ष्म जीव उत्पन्न हो सकते हैं. साथ ही शुक्र के बादलों पर सल्फ्यूरिक एसिड और प्रकाश सोखने वाले कणों से बने काले धब्बे भी मिले . प्रकाश सोखने वाले बैक्टीरिया धरती पर भी पाए जाते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है, ये सूक्ष्म जीव शैवाल की तरह के भी हो सकते हैं. इनके बारे में अधिक जानने के लिए बादलों के नमूनों की जरूरत होगी. बहरहाल शुक्र से जुड़ी इस रोचक जानकारी ने अंतरिक्ष में जीवन की संभावना का नया अध्याय खोल दिया है.

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