अंबानी के बीच संपत्ति को लेकर रिश्तों में दूरियां,इस सदस्य से आज तक बात नहीं करते मुकेश अंबानी….

साल 2002 में अपने पिता धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद दोनों भाइयों को अरबों की संपत्ति विरासत में मिली। धीरूभाई अंबानी अपने पीछे कोई वसीयतनामा नहीं छोड़ गए थे।

धीरूभाई अंबानी के निधन के कुछ समय बाद ही यह प्रश्न उठने लगा कि इतने बड़े रिलायंस के साम्राज्य का असली उत्तराधिकारी कौन होगा। इसके बाद मुकेश और अनिल के बीच दूरियां बढ़ती गईं। बीच में थी मां कोकिलाबेन। उन्होंने हरसंभव कोशिश की।

दुनिया के टॉप उद्योगपतियों में शुमार मुकेश अंबानी 19 अप्रैल को को जिंदगी के 61 साल पूरे कर रहे हैं।

इसके तहत आज हम आपको बता रहे मुकेश और अनिल अंबानी के बीच संपत्ति को लेकर रिश्तों में किस तरह की दूरियां हो गई हैं। दोनों में समझौता होने फिर से तनाव के चर्चे भी खूब हुए। बीते साल मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुए समिट के दौरान दोनों ने यहां के सीएम शिवराज सिंह के साथ एक टेबल पर डिनर भी किया पर इस दौरान बात तो दूर मुकेश और अनिल ने एक-दूसरे से बात भी नहीं की।

बेटों में एका रहे परिवार में बंटवारा न हो इसके लिए उन्होंने देश के कई धार्मिक स्थलों की यात्राएं की। जब यह स्पष्ट हो गया कि दोनों भाई साथ रह कर रिलायंस के साम्राज्य को नहीं चला सकते हैं तब उनकी मां कोकिलाबेन अंबानी ने दोनों भाइयों के बीच संपत्ति का बंटवारा किया। ये बंटवारा भी उस समय चर्चा में रहा था। करीब 18 घंटे तक लगातार धीरूभाई अंबानी के निवास की सातवीं मंजिल पर चुनिंदा लोग इस दौरान मौजूद थे। किसी को भी बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने के बंटवारे के बारे में भारत के साथ-साथ विश्वभर के मीडिया की निगाह लगी हुई थीं। घर के सामने मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। जब बंटवारा हो गया तब कोकिलाबेन ने सिर्फ इतना कहा श्रीजी की कृपा से सब ठीक हो गया।

 

 

क्या लिखा है हेमिश ने अंबानी एंड संस में :
लेखक हेमिश मैक्डोनाल्ड ने अपनी किताब अंबानी एंड संस में खुलासा किया कि धीरूभाई अंबानी ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में अपने बेटों की भूमिका तय नहीं की थी।2002 के बाद मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन बने थे। छोटे भाई अनिल को मुकेश अंबानी से मिलने के लिए उनके सचिव से समय लेना होता था। जो अक्सर नहीं मिलता था। घर पर मुकेश कारोबार की कोई बात ही नहीं करते थे।

आखिर 2004 में दोनों भाइयों के बीच की ये दूरी सार्वजनिक हो गई। जब अनिल ने अपना हक मांगा। 2005 में दोनों भाइयों में सुलह कराने की कोशिश मां कोकिलाबेन ने की। लेकिन 2006 में बंटवारा हो ही गया। उसके बाद भी विवाद चलते ही रहे। अनिल की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन ने जब दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एमटीएन के साथ मर्जर की बातचीत शुरू की तो मुकेश भी कंपनी में अपना हक जताने लगे। उसके बाद कावेरी बेसिन से मिलने वाली गैस को लेकर भी दोनों भाइयों के बीच कोर्ट में लंबी लड़ाई चली।

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