शाह ने मूर्ति तोड़ने को बताया गलत, तमिलनाडु बीजेपी से एक शख्स को निकाला

त्रिपुरा में बीजेपी सरकार को बहुमत मिलने के बाद से देश में मूर्ति तोड़ सियासत शुरू हो गई है। त्रिपुरा में लेनिन और तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति तोड़ने के बाद कोलकाता में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को तोड़ा गया है। हालांकि इन घटनाओं का सभी विरोध कर रहे हैं, लेकिन इस मसले पर अब सियासत भी शुरू हो गई है। देश के कई हिस्सों में मूर्ति तोड़ने की घटनाओं पर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कई ट्वीट कर मूर्ति तोड़ने की घटनाओं को गलत करार दिया। उन्होंने कहा, ‘हम मूर्ति तोड़ने की घटनाओं का समर्थन नहीं करते हैं। ये घटनाएं दुखद हैं। अगर इन घटनाओं में बीजेपी से जुड़े लोग शामिल हुए तो उनपर कार्रवाई होगी।’ ‘उन्होंने कहा, ‘हमारा मुख्य मकसद लोगों के जीवन में बदलाव लाना है। हमारे काम को लोगों ने सराहा है और इसके लिए हम जनता का आभार जताते हैं। देश के 20 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की सरकार हैं।’

शाह ने तमिलनाडु और त्रिपुरा में मूर्ति तोड़ने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए वहां के पार्टी चीफ से बात की है। उन्होंने कहा, ‘मैंने तमिलनाडु और त्रिपुरा में पार्टी यूनिट से बात की है। पार्टी का कोई शख्स अगर इसमें शामिल हुआ तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बीजेपी सभी विचारों का सम्मान करती है और रचनात्मक राजनीति के लिए प्रतिबद्ध है।’

शाह के ट्वीट के बाद तमिलनाडु बीजेपी ने आर मुथुरमन को पार्टी से निकाल दिया है। मुथुरमन को थिरूपाथूर में पेरियार की मूर्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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