AMU: पुलिस ने कहा, 14 छात्रों के खिलाफ फिलहाल देशद्रोह का कोई सबूत नहीं

गुरुवार को अलीगढ पुलिस ने कहा की अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ राजद्रोह के मामले अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। ये आरोप छात्रों पर तब लगाया गया, जब वो विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. उसके बाद 14 छात्रों के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुकेश लोधी ने राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज करा दिया था.

मीडिया के अनुसार एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक विश्वविद्यालय के एक कर्यक्रम में शिरकत करने को लेकर विरोध हो रहा था. विरोध प्रदर्शन में तोड़ फोड़ भी की गयी. जिसके चलते अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने रातों-रात आठ छात्रों को निलंबित कर दिया था.

भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुकेश लोधी ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था की परिसर में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए और उनके एक साथी की बाइक भी जला दी गयी थी.

हलांकि जब इसकी पुष्टि पुलिस अधिकारियों से की गई तो उन्होंने बताया की इस घटना की रिपोर्ट हमे मिली है और शुरुआती जांच में अभी हमें देशद्रोह के कोई सबूत नहीं मिले हैं. हलांकि उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि हम तथ्यों को जुटाने के कोशिश में लगे हैं. अगर भविष्य में राजद्रोह से जुड़े कोई सबूत नहीं मिलते है तो राजद्रोह की धारा, शिकायत से हटा ली जाएंगी।

एक अख़बार के अनुसार, छात्रों पर राजद्रोह जैसी काली धारा लगाने के मामले में “अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन” ने निन्दा करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा गया है कि इस पत्र को संज्ञान लेते हुए राष्ट्रपति कड़ा सन्देश दें की राजद्रोह जैसी धाराओं को बिना जांच के नहीं लगाया जाए.

ओवैसी के कार्यक्रम से हुआ हंगामा

आप को बता दे की इस हंगामे की शुरुआत तब हुई थी जब एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी को एक कार्यक्रम के लिए यूनिवर्सिटी में बुलाया गया था. जिसके चलते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. हलांकि वो इस कार्यक्रम में नहीं आये. लेकिन विरोध प्रदर्शन में छात्रों की झड़प दूसरे छात्रों से हो गयी और दोनों तरफ से शिकायत दर्ज करा दी गई.

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