नई नवेली दुल्हन को वार्षिक परीक्षा देने की ललक परीक्षा केंद्र तक खींच लाई

हाथों में रची शादी की मेहंदी की सोंधी-सोंधी खुशबू, बांहों में सुहाग का लाल चूड़ा धारण किए नई नवेली दुल्हन को वार्षिक परीक्षा देने की ललक परीक्षा केंद्र तक खींच लाई। मौका था हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की बुधवार से शुरू हुई 12वीं की परीक्षा का और गवाह बना एनआइटी पांच स्थित सरकारी स्कूल में बना परीक्षा केंद्र। बल्लभगढ़ उपमंडल के गांव सीही में रहने वाली ¨रकी नामक इस परीक्षार्थी की छह मार्च को ही शादी हुई और अगले दिन 12वीं की परीक्षा देने पहुंच गई ¨रकी ने बताया कि परीक्षाओं की तिथि जारी होने से पहले ही शादी तय हो गई थी। तिथियों की घोषणा होने के बाद परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर काफी ¨चतित थी, पर शादी की खुशियों व नया घर संसार बसाने की उमंगों के बीच परीक्षा की तैयारी पहले ही अच्छी तरह से कर ली थी। इसके अलावा ससुराल वालों ने भी परीक्षा में शामिल होने के लिए पूरा सहयोग किया है। ¨रकी को परीक्षा उसके पति दिलवाने के लिए आए थे। परीक्षा देने के बाद केंद्र से बाहर निकली ¨रकी ने सकुचाते हुए बताया कि अंग्रेजी का पेपर ठीक हुआ है और अब ¨हदी विषय की परीक्षा पर ध्यान है। पिता दिलाने पहुंचे परीक्षा बेटा जब बड़ा हो जाता है तो पिता के बुढ़ापे की लाठी बनता है, लेकिन बोर्ड की परीक्षा के दौरान इसके विपरीत हुआ है। एनआइटी पांच स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने आए महेंद्र के पैरों में पिछले कुछ समय से दिक्कत होने के कारण वह चल नहीं पा रहे हैं। वह बिना सहारे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की मदद की आवश्यकता होती है। बेटे के पैरों से लाचार और साल बर्बाद नहीं हो, इसके चलते पिता महेंद्र उसका सहारा बनें और उसे परीक्षा दिलाने के लिए लाए थे। महेंद्र ने बताया कि हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा बेहतर इंसान बने। इसके लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है।

Facebook Comments