सेना प्रमुख ने फौज में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ छेड़ा जंग

सेना में भ्रष्‍टाचार को खत्‍म करने और जवानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भारतीय सेना ने अपनी नई गाइडलाइन जारी की है। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने जवानों के दुरुपयोग, भ्रष्‍टाचार सहित अन्‍य गंभीर मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए नए निर्देश जारी किए है। सेना प्रमुख के नए दिशा निर्देशों में भ्रष्‍ट अधिकारियों पर लगाम कसने के साथ जवानों की फिटनेस, कैंटीन का दुरुपयोग सहित अन्‍य मुद्दों को शामिल किया गया है।

सेना प्रमुख बिपिन रावत द्वारा जारी नई गाइडलाइन में कहा गया है कि कोई भी सैन्‍य अधिकारी सैनिकों से अ‍दर्लियों जैसा काम नहीं करेगा। सैन्‍य अधिकारी उन्‍हीं सैन्‍य कर्मियों को अपनी सेवा में ले सकेंगे, जिनका प्रावधान सेना की नियमावली में किया गया है। सेना प्रमुख ने कैंटीन के दुरुपयोग पर भी सख्‍ती दिखाई है। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि सैन्‍य कैंटीन में मिलने वाली शराब सहित अन्‍य सामान के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्‍त कदम उठाए जाएंगे।

नई गाइडलाइन में भ्रष्‍टाचार पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा गया है कि यदि कोई भी सैन्‍य अधिकारी किसी भी तरह के भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान यह नहीं देखा जाएगा कि आरोपी अधिकारी सेना के किस पद पर बैठा है।

सैनिकों की बिगड़ती फिटनेस को लेकर सेना प्रमुख का कहना है कि जवानों की फिटनेस का स्‍तर समय के साथ नीचे गिर रहा है. आलम यह है कि सेना में विकलांगता और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ी है. वहीं, युवा सैनिक बीपीईटी टेस्ट को पूरा करने में असक्षम नजर आने लगे हैं. सैनिकों की बिगड़ती फिटनेस को देखते हुए सेना प्रमुख ने  फौज के खानपान पर भी संज्ञान लिया है। उन्‍होंने गाइडलाइन के जरिए कहा है कि सेना में सेहत को खराब करने वाले खानपान पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

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