फिर कबूली इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या की बात, आरोपी जवान से 10 घंटे चली पूछताछ

बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस ने करगिल में तैनात फौजी जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू ने अपना गुनाह कबूल लिया है। दरअसल, जितेंद्र मलिक पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या करने का आरोप था, जिसके चलते उसे गिरफ्तार किया गया और पूछताछ की गई। 10 घंटे लंबी चली पूछताछ में उसने आखिरकार गुनाह कबूल लिया हैं। इस मामले में अभी तक मुख्य आरोपी बजरंग दल नेता योगेश राज और बीजेपी नेता शिखर अग्रवाल को गिरफ्तार नहीं किया गया हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीतू इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह कि ह’त्या का आरोपी हैं। बताया जा रहा हैं कि जीतू हिंसा के दिन मौके पर मौजूद था। आपको बता दें कि जीतू फौजी राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हैं और 15 दिन की छुट्टी पर बुलंदशहर आया था। फौजी जीतू पर आरोप हैं कि उसने ही इंस्पेक्टर सुबोध की पिस्टल उठायी थी। उसके पास इंस्पेक्टर की पिस्टल होने और उसी से इंस्पेक्टर सुबोध को मारे जाने का आरोप हैं।

मामले में इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या में जितेंद्र के शामिल होने के आरोप को उसके भाई ने झूठा बताया। जितेंद्र मलिक के भाई धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि मेरे भाई को बुलंदशहर हिंसा मामले में किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है, वह इंस्पेक्टर की हत्या में शामिल नहीं था। मेरे पास सबूत है कि वह इस घटना में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि यहां मैं अपने भाई को निर्दोष साबित करने के लिए आया हूं और जब तक मैं उसे निर्दोष साबित नहीं करवा दूंगा तब तक ये वर्दी नहीं उतारूंगा।

वहीं पति जीतू की गिरफ्तारी की खबर पर उसकी पत्नी प्रियंका ने दावा किया कि घटना वाले दिन 3 तारीख को वह अपने पति के साथ 9:30 बजे से 12:00 बजे तक स्याना के मार्केट में खरीदारी करने के लिए गई हुई थी। प्रियंका ने कहा कि आज सुबह ही उन्हें इस बारे में मोबाइल पर पता चला। वहीं हिंसा मामले में नाम सामने आने पर आर्मी ने जितेंद्र मलिक से जांच में सहयोग करने को कहा है।

वहीं जितेंद्र ने पहले दिए बयान में कहा था, उसके गांव के खेत में गौमांस मिला था। जिसके चलते वह खेत पर भी गया था और पुलिस को बुलाया था। लेकिन वह हिंसा में शामिल नहीं था। वो अपने गांव वालों के साथ स्याना चौकी गया था। आपको बता दें कि मामले में गुस्साई भीड़ ने अखलाक केस के रहे इंस्पेक्टर सुबोध की जान ले ली। सुबोध के सिर में गोली लगने से उनकी मौक पर ही जान चली गई। हैरानी की बात तो ये है कि इंस्पेक्टर सुबोध को गोली लगने के बाद भी भीड़ उन्हें पीटती रही। भीड़ ने जीप से लटके सुबोध के शव का वीडियो भी बनाया।

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