जांघ में दर्द के बाद भी सतीश शिवलिंगम ने जीता देश के लिए गोल्ड मेडल

गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत को तीसरा गोल्ड मेडल दिलानेवाले सतीश शिवालिंगम (77 किग्रा) ने दर्द के बावजूद यादगार प्रदर्शन किया। सतीश ने कुल 317 किग्रा (144 किग्रा+173 किग्रा) भार उठाया और वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से इतने आगे हो गए कि क्लीन ऐंड जर्क में अपने आखिरी प्रयास के लिए नहीं गए। हालांकि, उनके लिए यहां तक पहुंचने का रास्ता मुश्किल था और एक समय में उन्होंने दर्द के कारण पदक की उम्मीद भी छोड़ दी थी।

सतीश ने पदक वितरण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘राष्ट्रीय चैंपियनशिप में क्लीन ऐंड जर्क में 194 किग्रा भार उठाने के प्रयास में मेरी जांघ में चोट लग गई थी। एक वक्त के लिए तो मुझे ऐसा लग रहा था कि शायद मैं पदक नहीं जीत सकूं। यह मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है और मैं अब भी पूरी तरह फिट नहीं था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं दर्द को पीछे छोड़कर मैं स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा।’

तमिलनाडु के इस वेट लिफ्टर ने कहा, ‘मेरी जांघ में बहुत दर्द हो रहा था और मेरे लिए बैठना भी मुश्किल था। टीम के स्टाफ और दूसरे सभी लोग मेरा ध्यान रख रहे थे, जिससे मुझे बहुत पॉजिटिविटी मिली। मैं पूरी तरह से आश्वस्त नहीं था और दर्द के कारण मैंने कड़ा अभ्यास नहीं किया था। मुझे पता था कि मेरा शरीर अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में नहीं है।’

स्नैच में सतीश और इंग्लैंड के रजत पदक विजेता जैक ओलिवर के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इन दोनों ने अपने अगले प्रयास में ज्यादा वजन उठाया। ओलिवर आखिर में स्नैच में आगे रहने में सफल रहे, क्योंकि उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 145 किग्रा भार उठाया था। हालांकि, सतीश क्लीन ऐंड जर्क में बेहतर प्रदर्शन करके अपना खिताब बचाने में सफल रहे। ओलिवर 171 किग्रा के दोनों प्रयास में नाकाम रहे और उन्हें इस तरह से 312 किग्रा (145 किग्रा+167 किग्रा) के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018
भारत की ओर से इन खेलों में पहला मेडल पी. गुरुराजा ने जीता। उन्होंने पुरुषों के56 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018
वर्ल्ड चैंपियन वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48किलोग्राम में भारत को स्वर्ण पदक जितवाया। 48 किलोग्राम भारवर्ग में स्नैच में (80kg, 84kg, 86kg) का भार उठाया। वहीं क्लीन ऐंड जर्क के पहले प्रयास में उन्होंने 103 किलोग्राम भार उठाया और दूसरे प्रयास में 107 किलोग्राम का भार उठाया और तीसरे प्रयास में 110 किलोग्राम भार उठाया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018
वेटलिफ्टर संजीता चानू ने भारत के लिए दूसरा गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 53 किलोग्राम भारवर्ग में सोने का तमगा जीता। मणिपुर की 24 वर्षीय इस खिलाड़ी ने स्नैच में 84 किलो और इसके बाद इसके बाद क्लीन ऐंड जर्क में 108 किलोग्राम भार उठाया। इस हिसाब से उन्होंने कुल दो प्रयासों में 192 किलोग्राम वजन उठाया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018
दीपक लाथेर ने भारत को चौथा पदक दिलाया है। संयोग है कि भारत को शुरुआती चारों पदक वेटलिफ्टिंग में ही मिले हैं। दीपक ने पुरुषों के 69 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह उनका पहला गेम था। 18 वर्षीय दीपक हरियाणा के शादीपुर गांव के रहने वाले हैं। दीपक के कुल 295 किलोग्राम (136 स्नैच और 159 किलोग्राम क्लीन ऐंड जर्क) उठाया।

सतीश इस मुकाबले को याद करते हुए कहते हैं, ‘मैं भाग्यशाली रहा और अगर ओलिवर उन दो प्रयास में नाकाम नहीं रहता तो फिर मुझे उससे अधिक भार उठाना पड़ता। मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि मेरा शरीर उसकी इजाजत देता या नहीं। मैं वास्तव में काफी राहत महसूस कर रहा हूं क्योंकि मैं देश के लिए एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में सोना जीतने में सफल रहा।’

सतीश ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्नैच में 149 और क्लीन ऐंड जर्क में 179 किग्रा सहित कुल 328 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। उनका स्नैच में 149 किग्रा भार अब भी खेलों का रेकॉर्ड है। प्रतियोगिता स्थल पर फिजियो नहीं होने के कारण वेटलिफ्टरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सतीश राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता भी हैं

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