औरंगाबाद में हुआ दंगा पहले से ही फिक्स था ……

हाल ही में हुए औरंगाबाद में दंगों ने जैसे मज़हबी दंगों का रूप लिया वैसे ही कई सारी चीजें इन दंगों से निकलकर आई है जिसके अनुसार काफी समय से औरंगाबाद में कोई पुलिस आयुक्त नहीं है, शिवसेना ने आरोप लगाया है कि इतने बड़े शहर में कोई पुलिस आयुक्त नहीं है यह सोचने वाला विषय है, क्या बीजेपी अपने किसी को समर्थक को इस पद पर बैठाने के बारे में सोच रही है.

औंरगाबाद में हाल ही में पानी को लेकर हुए साम्प्रदायिक दंगों में प्रदेश के मुख्यमंत्री पर शिवसेना के पार्टी मुखपत्र सामना में करारा हमला बोला है, शिवसेना ने अपने सम्पादकीय लेख में  देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोलते हुए बताया है कि औरंगाबाद में हुआ दंगा पहले से ही फिक्स था यह बीजेपी की चाल थी, साथ ही औरंगाबाद में लम्बे समय से कोई पुलिस आयुक्त नहीं होने के कारण इन दंगों में बड़ी मात्रा में हिंसा हुई है, जिसका नतीजा यह हुआ कि सरकार की करोड़ो की प्रॉपर्टी नष्ट हो गई.

शिवसेना ने कहा, “राज्य में अपराध के अनुपात को देखते हुए ऐसा लगता है कि कानून और व्यवस्था को राज्य से दरबरदर कर दिया गया है. कोरेगांव-भीमा हिंसा के समय राज्य सरकार गहरी नींद में सोई हुई थी. पुलिस ने गोली नहीं चलाई. लेकिन औरंगाबाद में पुलिस ने पुलिस आयुक्त की गैरमौजूदगी में भी गोलीबारी की. यह भी एक रहस्य है.”

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