कैप्टन हो तो ऐसा, छत पर हेलीकॉप्टर उतारकर बचाई 26 लोगों की जान

केरल में बाढ़ ने तांडव मचा रखा है और 10 दिन में 173 लोगों को यह विभीषिका लील चुकी है। राज्य में इस तबाही के बीच थल सेना, वायुसेना और नौसेना देवदूत की भूमिका निभा रही हैं। यहां तक कि वीर जवान सच में फरिश्तों की तरह जमीन पर उतरकर लोगों की जान बचा रहे हैं। दरअसल, शौर्य चक्र विजेता कैप्टन पी राजकुमार ने शुक्रवार को एक ऐसे इलाके से 26 लोगों को एयरलिफ्ट किया जहां मौजूदा स्थिति में इंसान का जाना बेहद मुश्किल था। घने पेड़ों के बीच कैप्टन कुमार ने सी किंग 42B चॉपर घर की छत पर ले जाकर इन लोगों को बचाया।

ऑपरेशन के अंत कर वह 32 लोगों की जान बचा चुके थे। अपनी बहादुरी और विषम परिस्थितियों में भी लोगों की जान बचाने के दृढ़ निश्चय को पूरा करते हुए उन्होंने इस बात की बानगी दी है कि सेना किस हद तक जाकर राज्य में लोगों की जान बचा रही है। सेना नैशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), इंडियन कोस्ट गार्ड और रैपिड ऐक्शन फोर्स के साथ मिलकर राज्य को आपदा से राहत दिलाने में जुटी है।

इससे पहले नौसेना ने एक विडियो जारी किया था, जिसमें देखा जा सकता है कि नेवी का हेलिकॉप्टर एक गर्भवती महिला को बचा रहा है। विडियो में देखा जा सकता है कि महिला की मदद के लिए हेलिकॉप्टर से रस्सी लटकाई गई है, जिसे महिला की कमर से ऊपर बांध दिया जाता है और धीरे-धीरे उन्हें ऊपर खींच लिया जाता है। इस दौरान महिला के गर्भाशय से लगा वॉटर बैग भी लीक हो गया था। बाद में महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। इस मिशन को पूरा किया कमांडर विजय वर्मा ने।

दिन-रात जुटकर राज्य बचाने का भरोसा…
सेना के मिशन के बारे में जानकारी देते हुए ब्रिगेडियर अरुण सीजे ने बताया कि विशेष इंजिनियरिंग टास्क फोर्स के साथ करीब 700 जवान नावों और विशेष उपकरण लेकर जमीन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 9 दिन में करीब 4800 लोगों को बचाया जा चुका है। भारतीय सेना अभी तक राज्य में 13 अस्थायी पुल बना चुकी है, जिनसे करीब 38 दूरस्थ इलाकों को जोड़ा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सेना दिन-रात काम करके केरल को सामान्य स्थिति में लेकर आएगी।

‘ऑपरेशन मदद’ में जुटी है सेना
गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित केरल में सेना द्वारा ‘ऑपरेशन मदद’ चलाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य के लिए नेवी, एयरफोर्स, आर्मी, कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ की टीमें काम कर रही हैं। रक्षा मंत्रालय के ट्विटर हैंडल पर ऑपरेशन की जानकारी दी जा रही है। बताया गया है कि भारतीय सेनाएं राज्य प्रशासन और NDRF की टीमों के साथ मिलकर खाने-पीने का सामान पहुंचा रही हैं। साथ ही संपर्क मार्गों और पुलों को बनाया जा रहा है।

मौसम की मार ने पैदा की स्थिति
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 8-15 अगस्त के बीच सामान्य से 3.5 गुना अधिक बारिश हुई और उसके बाद इसकी तीव्रता जैसे बढ़ती चली गई। 16 अगस्त को हुई 137 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 10 गुना अधिक थी। वहीं, शुक्रवार को भी सामान्य से पांच गुना अधिक बारिश हुई थी। विभाग के मुताबिक में अगस्त औसतन बारिश सामान्य से 2.7 गुना अधिक हुई है। बता दें कि 8 अगस्त से शुरू हुआ लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने से राज्य ने लगभग 100 साल में सबसे भीषण बाढ़ देखी है।

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