ग्रामीणों ने शाम को 7 बजे के बाद बारात निकालने पर लगाया प्रतिबंध….

शादी समारोह के दौरान लोगों द्वारा शराब पीकर बवाल करने का मामला ज्यादा ही बढ़ गया था। तेज म्यूजिक की आवाज से तंग आकर कर्नाटक के बेलागावी के एक गांव के निवासियों ने बारात पर कुछ पाबंदी लगा दी है।

हंगामे को गांव की संस्कृति खराब करने वाला करार देते हुए ग्रामीणों ने शाम को 7 बजे के बाद बारात निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उल्लंघन करने वालों पर 10 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान भी तय किया गया है।

अब शादी समारोह में आपके नाचने और बजाने पर रोक लग गयी है। ये हम नहीं कह रहे है बल्कि ऐसा कहना है कर्नाटक के इस गांव का। इस गांव के निवासियो ने ये फैसला किया है की अब 7 बजे के बाद कोई भी बैंड बाजा नहीं बजायेगा।

 

बेलागावी में पड़ने वाले बेलावट्टी गांव की आबादी 3500 है। हजारों की संख्या में काजू के पेड़ों से घिरे इस गांव के लोगों की कमाई का जरिया भी मुख्य तौर पर काजू उत्पादन ही है। यहां के युवाओं की ज्यादातर आबादी शराब की गिरफ्त में है, जिससे आए दिन बवाल यहां पर आम बात है। इस गांव में अभी तक एक भी ऐसी बारात नहीं आई, जिसमें बवाल ना हुआ हो।

एक महीने पहले हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए थे, जब शराब के नशे में चूर 50 से भी अधिक युवाओं ने गांव में आयोजित 3 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में बखेड़ा खड़ा कर दिया। इन सबसे तंग आकर गांव की महिलाओं ने शराब बिक्री पर प्रतिबंध की मांग करते हुए ग्राम पंचायत ऑफिस के सामने धरना दिया।

कहीं से कोई सहयोग ना मिलता देख ग्राम विकास समिति की बैठक में खुद ग्रामीणों ने शराब बिक्री और देर रात तक बारात पर रोक लगा दिया। ओमानी भोगन नामक एक ग्रामीण ने बताया, ‘तीन सप्ताह पहले हमने ग्राम पंचायत ऑफिस में बैठक कर शराब सेवन करने वाले युवकों में डर पैदा करने का फैसला किया। इसका सकारात्मक नतीजा देखने को मिला और 70 फीसदी युवाओं ने शराब छोड़ दिया। आस-पड़ोस के गांव वालों ने भी हमारे फैसले की सराहना करते हुए नियम लागू करने का फैसला किया है।’

 

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