साउथ में केले के पत्तों पर क्यों परोसाते हैं खाना?

दक्षिण भारत के कई राज्यों में केले के पत्तों पर खाना परोसने की परंपरा है। क्या आप जानते हैं कि केले के अलावा उसके पत्तों का हमारे स्वस्थ्य पर क्या असर पड़ता है? आइए आपको बताते हैं इसके फायदे।
केले की पत्तियों पर मोम के जैसी एक ऊपरी परत होती है। ये परत बहुत पतली होती है लेकिन इसका स्वाद बहुत अलग होता है। जब गर्म खाना केले के पत्ते पर परोसा जाता है तो ये मोम पिघलकर खाने में मिल जाती है। इससे खाने का स्वाद बहुत बढ़ जाता है।
केले के पत्ते में ऐसे कई सारे गुण होते हैं जो कि ग्रीन टी में पाए जाते हैं। इसके पत्ते में पॉलिफिलीन नामक ऐंटीबायटिक पाया जाता है जो स्वास्थ्य लाभ देता है। जब आप केले के पत्ते पर खाते हैं तो आपको एक अलग तरह का स्वाद मिलता है और इसकी खुशबू भी अलग ही होती है।
केले के पत्ते पर नियमित खाना खाने से आपके शरीर को बीमारी नहीं होती है। क्योंकि ये आपके शरीर से एंटीबैक्टीरिया को खत्म कर देता है। इस वजह से आपका शरीर स्वस्थ रहता है।
केले के पत्ते पर खाना इसलिए खाया जाता है क्योंकि स्वच्छ होता है। सिर्फ थोड़े से पानी की से साफ करने के बाद यह उपयोग के लिए तैयार हो जाता है। कई जगह ऐसी होती है जहां आप खाना खाते है पर वहां सफाई नहीं होती है। ऐसे में केले के पत्ते पर खाने से सुरक्षा रहती है।
बर्तनों को कई तरह के साबुन और चीजों से धोया जाता है जिसमें केमिकल मिला हुआ होता है। जो आपके सेहत के लिए खतरनाक है। लेकिन केले के पत्‍तों को साफ करने के लिए साबुन की जरूरत नहीं होती बस थोड़े से पानी से पत्‍ता आसानी से साफ होता है जो आपकी सेहत के लिए सही है।
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