हिमांशु पुरी, करोड़ों रुपया लेकर परिवार सहित फरार….

 बैंक से व्यापार के नाम पर बड़ा लोन लेकर फरार होने वालों की फेहरिस्त में मेरठ का एक होटल कारोबारी भी शामिल हो गया है। मेरठ के ‘नीरव मोदी’ के नाम से विख्यात होटल कारोबारी हिमांशु पुरी करोड़ों का कर्ज लेकर परिवार के साथ फरार है। उधर बैंक ने उसके बंगले के साथ ही होटल पर भी नोटिस चस्पा कर दिया है। 6 मार्च से हिमांशु पुरी का परिवार पिता ताराचंद पुरी और मामा सुनील पुरी समेत लापता है। परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर भी बंद है।

मेरठ में हिंमाशु पुरी के घर के साथ ही होटल पर रिलायंस कैपिटल की टीम ने 24.5 करोड़ का रिकवरी का नोटिस लगाया है। उसके होटल तथा घर के कर्मचारियों को भी चार महीने से वेतन नहीं मिला है। मेरठ के बड़े होटलों में से एक हारमनी इन के मालिक हिमांशु पुरी के बंगले और होटल पर रिलायंस कैपिटल ने 24 करोड़ 54 लाख 86 हजार का रिकवरी नोटिस चस्पा कर दिया है। कल नई दिल्ली से आई रिलायंस कैपिटल के लोन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की टीम ने मेरठ पहुंचकर यह कार्रवाई की है। पिछले कुछ दिनों से हिमांशु पुरी के परिवार सहित मेरठ शहर और देश छोडऩे की चर्चाएं जोरों पर हैं। कल बैंक की टीम आने के बाद से इस बात पर विराम भी लग गया। हिंमाशु पुरी से 2011 में गुरुग्राम में पब और होटल बेचने के बाद शास्त्रीनगर में होटल हारमनी इन खोला था। मेरठ का पहला थ्री स्टार होटल कहलाया जाता था।

बैंक का करोड़ों रुपए गबन करके देश छोड़कर फरार होने वाले नीरव मोदी की राह पर मेरठ का कारोबारी हिमांशु पुरी भी है। हिमांशु पुरी का गढ़ रोड पर होटल हारमनी इन है। परिवार शास्त्रीनगर में कोठी नंबर एच-201 में रहता था। हिमांशु ने एक बड़े बैंक से करीब 25 करोड़ रुपए का कर्जा लेकर 8 सितंबर 2011 में गढ़ रोड पर होटल हारमनी इन बनाया था। करीब एक वर्ष से पुरी जीरो माइल स्थित एसजीएम गार्डन को भी लीज पर लेकर चला रहा था। हिमांशु ने जो लोन लिया था, उसे नहीं चुकाने के चलते फरवरी के आखिरी सप्ताह में रिलायंस कैपिटल लिमिटेड ने नोटिस भेजा था तभी से हिमांशु परेशान था और उसके बाद से ही उसने होटल बेचने के लिए सौदा करना शुरू कर दिया था। जब होटल बेचने से बात नहीं बनी तो छह मार्च को हिमांशु पुरी का पूरा परिवार पिता ताराचंद पुरी और मामा सुनील पुरी समेत लापता है। परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर भी बंद है।

रियालंस कैपिटल जब्त करेगा घर और होटल

रिलायंस कैपिटल लिमिटेड की को-कंपनी रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस की दिल्ली की न्यू फ्रेड्स कॉलोनी शाखा से लोन लिया गया था। कंपनी से हिमांशु पुरी को इससे पहले 19 दिसंबर 2017 को लोन जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया था। इसके बाद समय सीमा पूरी होने के बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने घर और होटल पर आकर अपना नोटिस चस्पा कर जब्त करने की तरफ अपना काम शुरू कर दिया है।

दो महीने से बिना सैलरी के कर्मचारी

होटल हारमनी इन में काम करने वाले कर्मचारियों को इस घटना के बाद करारा झटका लगा है। होटल में सौ से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। पिछले लगभग दो महीने से करीब चार दर्जन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। वहीं पिछले छह महीने से वेतन मिलने में दिक्कतें आ रही थीं।

कल नहीं हुए कार्यक्रम

होटल मालिक को रिलायंस कैपिटल के आने की सूचना पहले से ही थी। इसी कारण कल होटल हारमनी इन में एक भी कार्यक्रम बुक नहीं था। यहां के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों से बुकिंग नहीं की जा रही है।

इटली में मौसी के घर तो नहीं चले गए

पिछले दो दिन से चर्चा में आए होटल हारमनी इन के मालिक हिमांशु पुरी के इटली जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। इटली में हिमांशु की मौसी रहती है। कई लोग इसी बात को आधार मानकर उनके विदेश जाने की खबरों को पुख्ता मानकर चल रहे हैं। परसों भी पुरी परिवार से उनके उपलब्ध सभी फोन नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके मोबाइल स्विच ऑफ मिले। इससे पहले भी पहले भी हिमांशु इटली में घूमकर आ चुके हैं। इसबीच हिमांशु के परिवार सहित नेपाल जाने की भी चर्चा है।

दीवान पब्लिक स्कूल से हुई शुरुआत

हिमांशु ने आठवीं तक वेस्ट एंड रोड पर दीवान पब्लिक स्कूल में पढऩे के बाद 12वीं तक की पढ़ाई गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल से पूरी की। बीबीए और एमबीए ग्लोबल बिजनेस स्कूल ओखला-दिल्ली से साल 2004 में किया।

16 साल की उम्र में बिजनेस

हिमांशु जब मात्र 16 वर्ष के थे तब उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया। गुरुग्राम में उन्होंने पब और रेस्टोरेंट की शुरुआत की। 2010 में मेरठ आकर होटल हारमनी की शुरुआत की। 2011 में होटल बनकर तैयार हो गया। इसके बाद 26 साल की उम्र में उनकी शादी दिल्ली निवासी भावना से 2012 में हुई।

1987 में मेरठ आया परिवार

हिमांशु के पिता ताराचंद पुरी 1987 में जालंधर से मेरठ आए। यहां पुरी पेट्रोल पंप नाम से कारोबार शुरू किया। होटल हारमनी बनने के बाद इसे बंद कर दिया गया।

क्रिकेट खेलने का शौकीन हिमांशु

हिमांशु ने टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी भुवनेश्वर कुमार, प्रवीण कुमार, सुदीप त्यागी के साथ खूब क्रिकेट खेला। जब भी मेरठ में रणजी मैच खेले जाते थे, होटल हारमनी इन में यूपी की रणजी टीम रुकती थी।

महंगी घडिय़ां पहनने का शौकीन

हाथों में टेग ह्यूअर, टिसॉट, लॉगीनेस जैसी ब्रांडेड कंपनियों की घड़ी अक्सर हिमांशु पहनते हैं। इसके अलावा वह बैग, पर्स और पैन भी महंगे उपयोग में लाते हैं।

डिस्क पब का कल्चर जमानने की चाह

गुरुग्राम में डिस्क पब कल्चर की तर्ज पर ही हिमांशु मेरठ में इस कल्चर को शुरू करना चाहते थे। डिस्क पब में लड़के व लड़कियों का डांस आमतौर पर चर्चा में रहता है। इसी कल्चर के वह दीवाने थे और होटल में इसकी शुरुआत की तैयारी में थे।

होटल की खरीदारी के लिए रजिस्ट्री नहीं

होटल हारमनी इन के बेचे जाने की भले ही कई दिनों से जोरशोर से चर्चा हो रही हो लेकिन अभी तक कोई खरीददार खुलकर सामने नहीं आया है। मेरठ विकास प्राधिकरण परिसर में उप निबंधक कार्यालय प्रथम के सूत्रों के अनुसार होटल की खरीदारी के लिए कोई रजिस्ट्री आदि अभी नहीं हुई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि होटल मालिक कहीं विदेश अथवा देश में कहीं अन्य स्थान आदि पर चले गए हैं तब भी वह होटल को बेचने की प्रक्रिया करा सकते हैं। इसके लिए वह किसी अपने नजदीकी को पावर ऑफ अटॉर्नी कर सकते हैं। इसके लिए तमाम मूल दस्तावेजों की जरूर पड़ेगी जो उपलब्ध होना आसान नहीं दिखती।

नोटबंदी के बाद से ही कारोबार मंदा

नोटबंदी के बाद से ही हिमांशु अक्सर अपने करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों को कारोबार मंदा होने की बात करने लगा था। कई बार होटल को बेचने के लिए भी चर्चाएं तेज होने लगीं। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने हाईवे पर बार बंद होने के आदेश के बाद शराब के ठेकों को हटा दिया गया। जिसके बाद ओर भी कारोबार हिल गया। हिमांशु के होटल को नोटिस जारी कर बार बंद करने के निर्देश दिए गए। बार से ही हिमांशु लाखों कमाता था। दोस्तों के मुताबिक यह सब ग्रुप में वैष्णों देवी जाते थे, लेकिन पिछले कई बार से हिमांशु माता वैष्णों के दर्शन करने के लिए नहीं जा सका था।

मेरठ का नीरव मोदी बना हिमांशु

होटल कारोबारी हिमांशु पुरी मेरठ का नीरव मोदी बन गया है। करोड़ों रुपये के कर्जे लेकर हिमांशु पुरी का पूरा परिवार विदेश भाग गया है। उधारी की रकम वसूलने के लिए हिमांशु की कोठी पर पहुंचे कुछ लेनदारों ने अपना ताला लगा दिया। खबर यह भी है की हिमांशु की कोठी के बाहर खड़ी बीएमडब्लू व ऑडी गाड़ी भी खींचकर एक कारोबारी अपने साथ ले गया।

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