आज से भारत बंदः बैंक कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों की दो दिन की हड़ताल

केंद्र सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ सेन्ट्रल ट्रेड यूनियनों ने मंगलवार से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर हैं. यूनियनों ने एक संयुक्त बयान में सोमवार को जानकारी दी कि करीब 20 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे. ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की महासचिव अमरजीत कौर ने दिल्ली में 10 सेन्ट्रल ट्रेड यूनियन की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी.

इस हड़ताल को 2 बैंक यूनियंस- ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन और बैंक एम्प्लॉयीज फेडरेशन आफ इंडिया का भी समर्थन मिला है. लिहाजा, आपको बैंक और दूसरे कई विभागों से जुड़े कामों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

बंगाल में नहीं होगा बंद: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाई गई हड़ताल का राज्य में कोई असर नहीं होगा. बनर्जी ने मीडिया से कहा, ”मैं इस पर एक शब्द भी नहीं बोलना चाहती हूं. हमने किसी भी बंद को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है.अब बहुत हो गया. पिछले 34 सालों में वाम मोर्चे ने बंद का आह्वान कर पूरे राज्य को बर्बाद कर दिया. अब कोई बंद नहीं होगा.” राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि वह मंगलवार और बुधवार को अपने कर्मचारियों के आधे दिन की छुट्टी या एमरजेंसी लीव लेने पर रोक लगाएगी.

-अमरजीत कौर, महासचिव ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस”हमने सरकार को लेबर कोड पर सुझाव दिए थे. लेकिन चर्चा के दौरान श्रमिक संघों के सुझाव को दरकिनार कर दिया गया. हमने दो सितंबर 2016 को हड़ताल की. हमने 9 से 11 नवंबर 2017 को ‘महापड़ाव’ भी डाला, लेकिन सरकार बात करने के लिए आगे नहीं आयी और एकतरफा श्रम सुधार की ओर आगे बढ़ गई.”

कौर ने कहा कि सरकार रोजगार पैदा करने में नाकाम रही है. सरकार ने श्रमिक संगठनों के 12 सूत्रीय मांगों को भी नहीं माना. श्रम मामलों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में बने मंत्रिसमूह ने दो सितंबर की हड़ताल के बाद श्रमिक संगठनों को चर्चा के लिए नहीं बुलाया. श्रमिक संघों ने ट्रेड यूनियन एक्ट-1926 में प्रस्तावित संशोधनों का भी विरोध किया है.

इन सेक्टर्स में रहेगा हड़ताल का असर

एटक की महासचिव अमरजीत कौर के मुताबिक बीजेपी सरकार के खिलाफ इस हड़ताल में सबसे ज्यादा संख्या में संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कोयला, इस्पात, बिजली, बैंकिंग, बीमा और परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले लोग इस हड़ताल में शामिल होंगे. इस दौरान देशभर में विरोध जुलूस निकाले जाएंगे.

ये ट्रेड यूनियंस हैं हड़ताल में शामिल

इस हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी जैसे संगठन शामिल हो रहे हैं. हालांकि आरएसएस से ताल्लुक रखने वाला भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रहा है.

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