अब कलयुगी के पिता राक्षस बन बैट है …..

बारांबांकी में ऐसे ही एक कलयुगी पिता की हरकत सामने आई है, जो अपने ही खून से पैदा हुई बच्ची के साथ बलात्कार और मारपीट की घटनाओं को अंजाम देता था. यह वहशी पिता अपनी तीनों बच्चियों के साथ इस तरह की घिनौनी हरकत करता था. लेकिन बेचारी बच्चियां अपनी व्यथा किसे सुनाती ? वे किसी तरह अपने ही पिता द्वारा दी जा रही इन नारकीय यातनाओं को झेलती रही.

अंत में जब वे जीवन से हताश हो गई तो तीनों बच्चियों ने एक साथ आत्महत्या करने का निर्णय लिया. ट्रैन के सामने काट कर मरने पहुंची तीनों बच्चियों को एक शख्स ने देख लिया और उन्हें बचने वहां पहुंच गया, लेकिन आत्महत्या की कोशिश में एक बच्ची का पैर कट गया. व्यक्ति ने पुलिस को इसकी सुचना दी और  इसके बाद पुलिस ने तीनों बच्चियों को अपनी सुरक्षा में ले लिया और घायल बच्ची को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया. इस तरह की घटनाएँ एक बात तो साफ़ तौर पर दर्शाती है, कि सिर्फ कानून बनने से समस्या हल होने वाली नहीं है. अगर इन अपराधियों को जनता के बीच में ही फांसी दी जाए, तो शायद अपराधियों के मन में कुछ खौफ पैदा हो.

नाबालिगों से बलात्कार करने पर फांसी की सजा का प्रस्ताव पास हो जाने के बाद भी, अपराधी बेख़ौफ़ नज़र आ रहे हैं. क्योंकि इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है. सड़क पर, सुनसान जगहों पर तो बच्चियां को खतरा है ही, लेकिन जब जन्म देने वाला पिता ही अपनी बच्चियों के जिस्म को नोचने-खरोंचने लगे तो फिर ये मासुम किसके आगे अपना रोना रोए ?

 

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