चीन ने भारत को दी चेतावनी, ब्रह्मपुत्र नदी का पानी है खतरे के निशान से ऊपर

जैसा कि आप सभी लोग जानते है कि 2018 में भारत पर कई विपदाएं आयी है।इन्ही विपदाओं में सबसे मुख्य है बाढ़ की विपदा, भारी बारिश होने के कारण बांध से छोड़ा गया पानी नदी के जलस्तर को काफी बढ़ा देता है।जिसकी वजह से नदिया काफी भयंकर रूप ले लेती है।यमुना नदी में भी हाल ही में पानी का जलस्तर खतरे के निशान से भी काफी ऊपर आ गया था।और दोस्तो आप लोगो को बता दे कि अब चीन की वजह से अलर्ट जारी कर दिया गया है, ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण चीन को ऐसा करना पड़ा।आपको बता दे कि सबसे ज्यादा खतरा असम और अरुणाचल प्रदेश में ही है क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी वही से गुजर कर निकलती है।

दोस्तो भारत के केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के द्वारा बताया गया है कि यह एक अभूतपूर्व स्थिति है जहां सांगपो नदी(ब्रह्मपुत्र नदी)उफान पर है।दोस्तो चीन में भारी बारिश के चलते सांगपो नदी(ब्रह्मपुत्र नदी) में उफान के बाद बीजिंग ने भारत को अलर्ट जारी किया है।दोस्तो चीन की सरकार की जारी एक रिपोर्ट की मानें तो ब्रह्मपुत्र नदी में 9020 क्यूसेक पानी को छोड़ा गया है।

दोस्तो आप सभी को बता दे कि इस साल यह पहली बार है जब चीन ने भारत के साथ नदी का ब्योरा साझा करना शुरू किया है।चीन ने ब्योरा 15 मई से साझा करना शुरू किया था, जबकि सतलुज नदी से संबंधित ब्योरा एक जून से साझा करना शुरू किया। दोनों पक्षों द्वारा इस साल मार्च में मुद्दे पर वार्ता के बाद ब्योरा साझा करने की शुरुआत हुई। पड़ोसी राज्य असम में के डिब्रूगढ़ और धेमाजी जिलों में भी अधिकारियों ने इससे निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और केंद्रीय जल आयोग की ओर से जोरदार बारिश से ब्रह्मपुत्र नदी के स्तर के बढ़ने की चेतावनी जारी करने के बाद यह कदम उठाए गए हैं। पिछले साल चीन ने कहा था कि बाढ़ की वजह से पानी एकत्र करने वाले सभी संसाधन खत्‍म हो गए। यह ऐसे समय हुआ था जब मानसून के दौरान भारत और चीन के बीच 73 दिन तक डोकलाम गतिरोध चला था। ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से शुरू होती है और फिर अरुणाचल प्रदेश पहुंचती है जहां इसे सियांग कहा जाता है। इसके बाद यह असम पहुंचकर ब्रह्मपुत्र हो जाती है तथा फिर बांग्लादेश के जरिए बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।

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