भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार अब बढ़ेगी, 5 तिमाही से जारी गिरावट थमेगी,रॉयटर्स पोल के मुताबिक….

REUTERS POLL के मुताबिक, INDIA में 3 साल के न्यूनतम स्तर के बाद GDP  में गिरावट का दौर थमने वाला है। 5 तिमाही के बाद अर्थव्यवस्था में गिरावट रुकेगी।

रॉयटर्स पोल के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही में GDP की वृद्धि दर बढ़ने वाली है। नोटबंदी से सिकुड़ी अर्थव्यवस्था के बाद अब डिमांड में तेजी आ रही है। पोल में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2016 में सबसे तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन अचानक ही 2016 में सरकार द्वारा अचानक नोटबंदी की घोषणा करने से इसका बड़ा नकारात्मक असर पड़ा था।

उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता कम हो गई थी। इस साल जुलाई में सरकार ने GST जैसा नया कानून लागू किया। हालांकि टैक्स सिस्टम में यह बड़ा बदलाव अर्थव्यवस्था के लिए एक और झटका था। लेकिन जब रॉयटर्स पोल में कहा गया है कि 52 फीसदी अर्थशास्त्रियों ने माना है कि अब भारत की GDP में इस वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 6.4 फीसदी ग्रोथ हासिल हो सकती है।

 

 

पिछली तिमाही में यह 5.7 फीसदी थी। पोल में कहा गया है कि गुरुवार को जारी होने वाले आंकड़ों से 5 तिमाहियों से जारी गिरावट पर ब्रेक लगेगा और इस कैलेंडर ईयर का यह सबसे अच्छा ट्रेंड होगा। जीडीपी की दर 5.9 फीसदी से 6.8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। तो वहीं दूसरी ओर एएनजेड के अर्थशास्त्री शशांक मेंदीरत्ता के अनुसार, भारत की GDP रफ्तार थमने वाली है, हालांकि यह धीमी गति से चलेगी।

 

इसकी वजह GST के कारण आपूर्ति में आई बड़ी रुकावट है। एएनजेड ने GDP के 6.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने के आसार जताए है। उन्होंने कहा कि त्योहारी मौसम की मांग के कारण जीडीपी में ग्रोथ दिखा है। औद्योगिक उत्पादन में भी वृद्धि देखी गई है। बिजनेस सर्वे में औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े में सुधार को दर्शाया गया है।

 

BSE सेंसेक्स में भी दर्ज शीर्ष शेयर रेकॉर्ड स्तर पर रहे हैं। तो वहीं कुछ अर्थशास्त्रियों ने 8 प्रतिशत से ऊपर की विकास दर वापस लौटने का भी अनुमान जताया है। जिसमें सरकार द्वारा बैकों को फिर से कैपिटेलाइज करने के लिए 32.43 अरब डॉलर की योजना बड़ी कारगर साबित हो सकती है।

 

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