भारत ने विश्व समुदाय से शांति प्रक्रिया मेॆं समर्थन करने का किया आह्वान

भारत ने विश्व समुदाय से शांति प्रक्रिया मेॆं समर्थन करने का आह्वान किया। भारत ने तालिबान को बिना किसी पूर्व शर्त के शांति प्रक्रिया में शामिल करने के अफगानिस्तान सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैय्यद अकबरुद्दीन ने परिषद को बताया कि इससे बच्चों और महिलाओं सहित सभी अफगान नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होगी।

उन्होंने कहा कि  अफगानि‍स्‍तान सरकार की शांति की नई पेशकश तालिबान को मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। वहीं अकबरुद्दीन ने आतंकी समूहों की हिंसा का कड़ा जवाब देने की भी अपील की। 28 फरवरी को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफगनी ने काबुल में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में तालिबान के समक्ष विस्तृत शांति प्रस्ताव पेश किया था।

उन्होंने कहा कि ऐसे तत्‍व अब भी मौजूद हैं, जो आतंकी गुटों – तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, इस्लामिक स्टेट, अलकायदा, लश्कर-ए-तैय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद को सुरक्षित ठिकाने और सहायता देकर उनकी काली करतूतों को समर्थन दे रहे हैं।

हालांकि श्री अकबरुद्दीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि शांति स्थापित करने के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों के बावजूद अफगानिस्तान में आतंकवादियों के समर्थक कमजोर नहीं हुए हैं। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के सीमापार सुरक्षित ठिकानों से अफगानिस्तान और क्षेत्र के सामने आ रही चुनौतियों का अंतर्राष्ट्रीय स्‍तर पर समाधान जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और फ्रांस के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति फ्रैंकोई होलांदे ने 30 नवंबर, 2015 को पेरिस में संयुक्‍त राष्‍ट्र जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन के अवसर पर अंतर्राष्‍ट्रीय सौर सहयोग की पहल की थी।

पहले अंतर्राष्‍ट्रीय सौर सहयोग सम्‍मेलन में भाग लेने के लिए विभिन्‍न देशों के राज्‍याध्‍यक्ष और राष्‍ट्राध्‍यक्ष नई दिल्‍ली पहुंचने लगे हैं। यह सम्‍मेलन रविवार को होगा। अब तक कई राज्‍याध्‍यक्ष और राष्‍ट्राध्‍यक्ष नई दिल्‍ली पहुंच गए हैं।

Facebook Comments