20 लोग मिलकर हिला भी नहीं सके,ऋषिकेश गंगा में बहता हुआ आया महादेव का डमरू…..

ऋषिकेश, आप तो ही होंगे। इस देवस्थान से एक बड़ी खबर आ रही है।

 

खबर में कहा जा रहा है कि कल शाम एक साधू ने गंगा में बहते एक डमरू को देखा जब वो उसे उठाने गया तो वो उससे नहीं उठा। डमरू के किनारे आते ही उसने कई लोगों को बुलाया, सभी ने मिलकर डमरू को उठाने की कोशिश जिसके बाद भी डमरू नहीं उठा, थक हारकर लोग उससे अलग हट गए।

अब इस डमरू की लोग पूजा कर रहे हैं। डमरू देखने वाले साधू का कहना है कि ये डमरू स्वयं महादेव का है। इसलिए इसे या तो पार्वती उठा सकती हैं या महादेव।

 

बता दें कि  कृति प्रेमियों के लिए उत्तराखंड का ऋषिकेश स्वर्ग से कम नहीं है। हरिद्वार में आने वाले लोग यहां जरूर आते हैं। ऊँचे पहाड़, पहाड़ से निकलने वाली पवित्र गंगा, त्रिवेणी में संगम और राम-लक्ष्मण झूले की सुंदरता आपको बरबस यहाँ खींच लाएगी। लेकिन जो लोग यहाँ पर काफी दिनों से नहीं आये हैं उनके लिए अच्छी खबर है। अब पहले के मुकाबले ऋषिकेश काफी बदल गया है। ये बदलाव है स्वच्छता की।

ऋषिकेश में गंगा के दोनों तरफ पहले कच्ची सड़कें हुआ करती थी जो काफी उबड़-खाबड़ और लोगों को परेशान करने वाली थी। ऋषिकेश में ना बैठने की कोई सुविधा थी और ना ही पीने के लिए साफ़ पानी। लेकिन चंद महीनों में ही यहाँ की तस्वीर बिल्कुल बदल गयी है।

 

एक अनुमान के मुताबिक रोजाना हज़ारों की संख्या में लोग ऋषिकेश घूमने और गंगा में डुबकी लगाने आते हैं ख़ास कर सावन के महीने में। उसी को देखकर प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है। ख़ास कर के बाहर से आने वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। दोनों तरफ की सड़कें पक्की हो जाने से खूबसूरती और बढ़ गयी है। बैठने के लिए बेंच और पानी पीने ले लिए जगह-जगह नल लगा दिया गया है। इसके अलावा शेड भी है ताकि लोग बारिश से बच सके।

अच्छी बात ये है कि इससे सैलानी तो खुश हैं ही साथ ही विदेशी सैलानी भी यहाँ आकर काफी खुश है। यही वजह है कि यहां आने के बाद वो लंबे वक़्त तक रहते हैं। इसलिए काफी दिनों से अगर आप ऋषिकेश नहीं गए हैं तो प्लान कर लीजिये क्योंकि यहाँ के नज़ारे अब और खूबसूरत हो गए हैं।

 

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