डिलिवरी टेबल न मिलने पर, महिला ने मज़बूरन दिया टॉइलट में बच्चें को जन्म …

अब इसे सरकार का दोष कहे या लोगों का जो आज भी सरकारी अस्पताल के भरोसे बैठे है। दरअसल एक सिविल हॉस्पिटल में मंगलवार को एक महिला ने डिलिवरी टेबल पर नहीं बल्कि टॉइलट में डिलीवरी कराई है। हालांकि जच्चा व बच्चा पूरी तरह सुरक्षित हैं। दोपहर बाद एक अन्य महिला ने प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया। इस बच्चे को बचाया नहीं जा सका।

एक सिविल हॉस्पिटल में मंगलवार को एक महिला ने डिलिवरी टेबल पर नहीं बल्कि टॉइलट में डिलीवरी कराई है। हालांकि जच्चा व बच्चा पूरी तरह सुरक्षित हैं।

गुड़गांव की रहने वाली फूलो देवी को लेबर पेन होने के बाद सुबह 9 बजे नागरिक अस्पताल में लाया गया था। सुबह 11 बजे तक सिविल हॉस्पिटल में उन्हें डिलिवरी टेबल नहीं मिल पाया। इस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें चलते रहने की सलाह दी।

वह इधर-उधर चलते हुए टॉइलट की तरफ गईं और वहीं बच्चे को जन्म दिया। जैसे ही अस्पताल स्टाफ को इसका पता चला तो महिला व बच्चे को लेबर रूम में ले जाया गया। मां और नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं। पीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि सुबह 11 बजे तक हॉस्पिटल में दो घंटे में 8 डिलिवरी कराई गईं, जबकि अस्पताल में 4 डिलिवरी टेबल ही हैं। इस वजह से महिला को इंतजार करना पड़ा था।

डिलीवरी से जुड़े दूसरे मामले में बच्चे के जन्म से पहले धड़कनें चल रही थीं, लेकिन डिलिवरी के बाद उसकी मौत हो गई। पीएमओ का कहना है कि महिला के परिजनों को बता दिया गया था कि बच्चे की धड़कनें कम सुनाई दे रही हैं। बच्चे को तुरंत नीकू वॉर्ड में भी ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।

 

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