ओडिशा के वन विभाग में गौ माता नाम का मिला पैंथर…..

ओडिशा वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस काले चीते को जंगल में लगे कैमरों में कई बार कैद किया गया है। तमाम तस्वीरों का अध्ययन करने के बाद इस बात की पुष्टि हुई है कि यह एक काला चीता ही है।

इस चीते का नाम गौ माता रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 6,000 हेक्टेयर में फैले गर्जनपर्वत के जंगलों में जानवरों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए थे।

वनविभाग के कर्मचारियों ने सुंदरगढ़ जिले में हिमगिरी रेंज के गर्जनपहाड़ रिजर्व फोरेस्ट में इस काले चीते के होने की पुष्टि की है। काले चीते को अपनी मां के साथ कैमरे में भी कैद किया गया है। वन विभाग ने दावा किया कि यहां करीब 26 साल पहले काला चीता था, लेकिन उस समय काले चीते होने के कोई सबूत नहीं हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में ही रायल बंगाल टाइगर अनुवांशिक रुप में पाया गया है। उन्होंने बताया कि सिमिलिपाल के जंगलों में 1993 में पहली बार गहरे रंग का चीता देखा गया था। उसके शरीर पर गहरे काले रंग की पट्टियां थीं। लेकिन 2007 में वन अधिकारियों को काला चीता होने के पुख्ता सबूत मिले थे।

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