खाएं 1 चम्मच ये चूर्ण; बनेगी ऐसी बॉडी कि हैरान रह जाएंगे लोग….

बॉडी बनाने के चक्कर में आजकल युवा न जाने क्या-क्या हथकंडे अपनाते हैं। कोई महंगी दवाइयों का सेवन करता है, तो कोई सप्लिमेंट और इंजेक्शन तक का सहारा लेता है।लेकिन इन सबके बीच आयुर्वेद का एक ऐसा नुस्खा है जो आप घर बैठे तैयार कर सकते हैं। इसकी कीमत भी 2-3 हजार रुपए नहीं बल्कि मात्र 200 रुपए है। 

अगर आप भी आकर्षक बॉडी बनाना चाहते हैं तो एक बार अश्वगंधा और शतावरी के चूर्ण का प्रयोग करके देखें। यह चूर्ण पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। अश्वगंधा और शतावरी मिलकर ऐसे औषधीय गुण बनाते हैं जिनका असर शरीर पर सिर्फ एक हफ्ते के अंदर देखने को मिलेगा। इसका एक और फायदा ये भी है कि किसी भी उम्र के लोग इस चूर्ण का इस्तेमाल कर सकते हैं फिर चाहे वो बच्चे हों या बूढ़े।

कैसे करें तैयार : अश्वगंधा और शतावरी का चूर्ण आपको पतंजली या दूसरी आयुर्वेद की दुकानों में मिल जाएगा। पतंजलि के शतावरी चूर्ण के 100 ग्राम पैकेट की कीमत 160 रुपए है। वहीं 100 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण की कीमत 56 रुपए है। कुल मिलाकर आपका खर्चा 216 रुपए हो जाएगा जो महंगी दवाओं से काफी कम है। अब इन दोनों चूर्ण को आपस में मिला लें और दिन में दो बार आधा चम्मच गर्म दूध में मिलाकर पी लें। आपको बता दें कि इसके सेवन के साथ-साथ व्‍यायाम करना भी जरूरी हैं। अगर आप युवा हैं और जिम जा रहे हैं तो आपको एक हफ्ते के अंदर इसका असर भी दिखने लगेगा।

बता दें कि अश्वगंधा एक ऐसी दवा हैं जो शरीर की शक्ति, ताकत और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। शरीर को ताकत, यह तनाव, अनिद्रा और आलस, थकान आदि दूर करने में लाभदायक सिद्ध होता है। यह नपुंसकता को दूर करने, कामुकता को बढाने और सेक्स संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए भी प्रयोग में लाई जाती है। इसके अलावा खून की खराबी, पेट के कीड़े और पाचन क्रिया ठीक करने में भी लाभदायक है।

वहीं शतावरी एक ऐसी औषधि हैं जिसकी जड़े हमारी उंगलियों जैसी दिखाई देती हैं। इनकी संख्या सौ या सौ से अधिक होती है। इसलिए इसे शतावर कहा जाता है। पुरुष और महिला दोनों इसका प्रयोग कर सकते है. दोनों के लिए यह फायदेमंद होती है। लेकिन आयुर्वेद कहता है कि महिलाओं के लिए शतावरी सर्वोत्तम होती है। शतावर या शतावरी आपको हमेशा जवान बने रहने में मदद करती है इसे खाने से वेट बढ़ता है। जिन व्यक्तियों में कमजोरी और निर्बलता, धातु दुर्बलता, नपुंसकता, शारीरिक क्षीणता है उनके लिए शतावरी बहुत गुणकारी होती है। यह रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाती है। इससे स्‍पर्म काउंट भी बढ़ता है और माइग्रेन व खांसी सहित कई बीमारियों के इलाज में काम आती है।

 

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