आज ये बॉलीवुड का एक्टर है करोडो़ं का मालिक,कभी था सेल्समेन…..

बॉलिवुड में कॉमेडी की परफेक्ट टाइमिंग और मजेदार पंच लाइन से लोगों को हसांने वाले अरशद वारसी का जन्म मुंबई में हुआ था। फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ और 2006 में ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ में ‘सर्किट’ के रोल को आज भी याद करते ही लोगों के चेहरे पर हंसी आ जाती है। शायद ही बॉलीवुड में ऐसा कोई एक्टर होगा जो ये रोल इतनी बखूबी निभा सकता। ये रोल जैसे सिर्फ अरशद वारसी के लिए था। 

इसके अलावा अरशद ‘गोलमाल’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’, ‘गोलमाल अगेन’ जैसी कॉमेडी फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं। आज अरशद वारसी को हर कोई उनकी एक्टिंग के दम पर पहचानता है। लेकिन एक वक्त ऐसा था जब वो अपना गुजारा भी बहुत मुश्किल से कर पाते थें। दरअसल अरशद लगभग 18 साल के थे तभी बोन कैंसर की वजह से उनके पिता की मौत हो गई थी।

पिता की मौत के 2 साल बाद उनकी मां का भी देहांत हो गया था। जिंदगी बिताने के लिए पैसों की जरूरत थी और इसके लिए उन्होंने कॉस्मेटिक सेल्समैन का काम किया। इतना ही नहीं उन्होंने फोटो लैब में भी काम किया

अरशद वारसी को साल 1996 में अमिताभ बच्चन की कंपनी की फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ में पहली बार एक्टिंग करने का मौका मिला। इस फिल्म में रोल का ऑफर उन्हें जया बच्चन ने दिया था लेकिन उन्हें पहचान मिली राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ से। इस फिल्म में अरशद, संजय दत्त के दोस्त ‘सर्किट’ के रोल में नजर आए थे

एक्टिंग के अलावा अरशद एक बेहतरीन कोरियोग्राफर भी हैं। अरशद को शुरू से ही डांसिंग और कोरियोग्राफी में दिलचस्पी थी। साल 1993 में उनको ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ का टाइटल ट्रैक कोरियोग्राफ करने का मौका मिला था।

2010 में आई फिल्म ‘इश्किया’ अरशद वारसी के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म में अरशद वारसी ने नसीरुद्दीन शाह के साथ थें। साल 2013 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ को भी लोगों ने बहुत पसंद किया था।

अरशद ने साल 1987 में ‘ठिकाना’ और ‘काश’ जैसी फिल्मों के लिए महेश भट्ट के साथ बतौर असिस्टेंट भी काम किया था। कुछ समय पहले ही अरशद फिल्म ‘गुड्डू रंगीला’ में नजर आए थे, जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई।

 

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