बेटा बेटी एक सामान,बेटे को भी सिखाएं बेटियों वाला काम….

बेटे को बचपन से ही लाडला माना जाता है। उस पर बचपन में किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं डाली जाती, जिसके कारण वह बड़े हो कर घर के कामकाज के लिए आलसी हो जाते हैं। घर का जितना काम बेटी करती है उतना ही बेटे से भी करवाना चाहिए ताकि जब उसे किसी काम के कारण घर से दूर रहना पड़े तो किसी तरह की मुश्किल न हो। बेटे को शुरु से ही छोटे छोटे काम दें और उसकी इस आदत को छूटने न दें।

1. बेटों को कभी न चढाएं सिर पर
कुछ घरों में बड़े बुजुर्ग बेटों को घर का चिराग कह कर सिर पर चढ़ा कर रखते हैं। जब कभी बेटे को किसी काम के लिए बोल दिया जाता है तो घर के बड़े कहने लग जाते हैं क्या काम करवाना है लड़कियों वाले काम क्यों करेगा। ऐसी बातें सुन कर बेटे बिगड़ जाते हैं। चाहे घर में उनसे किसी तरह का काम कराने की जरूरत न हों लेकिन फिर भी उसे काम करने की आदत डालनी चाहिए। इससे वह कभी आलसी नहीं होगा।

2. ये काम जरूर सिखाएं
बेटे को ये खास काम खुद के कपड़े धोना, बाहर से सामान लेना, खाना बनाना जरूर सिखाएं ताकि उसे अगर पढ़ाई के कारण या फिर किसी काम के कारण घर से दूर किराए पर रहना पड़े तो किसी तरह की मुश्किल न हो।

3. कैसे करें शुरुआत
अगर बेटा 10 साल का है तो उसे छोटे मोटे काम में हाथ बंटाने को बोलें।

उसे मार्किट से घर का सामान लाने की जिम्मेदारी दें।

स्कूल से छुट्टियां होने पर बेटे को रसोई घर का काम सिखाएं।

घर की साफ सफाई में उसकी मदद लें।

Facebook Comments