पत्नी को पति का वेतन जानने का कानूनी अधिकार मिला….

BSNL में सीनियर अधिकारी के पद पर कार्यरत पति का वेतन जानने के लिए पत्नी को 11 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। आखिरकार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस नंदिता दुबे की खंडपीठ ने इसके आदेश जारी कर दिए कि पत्नी को पति का वेतन जानने का कानूनी अधिकार है।

BSNL में सीनियर अधिकारी के पद पर कार्यरत पवन कुमार जैन द्वारा पत्नी को मात्र 7 हजार रुपए मासिक गुजारा भत्ता दिया जा रहा था। इसको लेकर पत्नी सुनीता ने सबसे पहले सूचना के अधिकार के तहत BSNL में आवेदन देकर अपने पति की पे-स्लिप की मांग की लेकिन विभाग ने देने से इंकार कर दिया।

इसके बाद सुनीता अपील में भी गईं लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। आखिरकार सुनीता ने केन्द्रीय सूचना आयोग को आवेदन दिया, जिसके आधार पर 27 मई 2007 को केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी ने बीएसएनएल से पवन कुमार जैन की वेतन स्लिप देने के निर्देश दिए।

इस निर्देश के खिलाफ पवन कुमार जैन और BSNL ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर कर दी। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने करते हुए केन्द्रीय सूचना आयोग के आदेश को निरस्त कर दिया। सिंगल बेंच के इस आदेश को सुनीता ने हाईकोर्ट की डबल बैंच में चुनौती दी।

करीब 3 साल तक चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने केन्द्रीय सूचना आयोग के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि किसी तीसरे आदमी को विभाग वेतन की जानकारी देने से मना कर सकता है लेकिन पत्नी को पति का वेतन जानने का पूरा अधिकार है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केसी घिल्डियाल ने पैरवी की।

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