हिन्दुस्तान की पहली महिला सुल्तान जिसे गुलाम से मोहब्बत के कारण देनी पड़ी जान

भारत के इतिहास में रजिया सुल्तान का नाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसे भारत की पहली महिला शासक होने का गौरव हासिल है। दिल्ली सल्तनत के दौर में जब बेगमों को सिर्फ महलों के अंदर आराम के लिए रखा जाता था उस दौर में रजिया सुल्तान ने महल से बाहर निकलकर सल्तनत की बागडोर संभाली थी। बेहद खूबसूरत रजिया सुल्तान भारत के इतिहास में इतना महत्वपूर्ण किरदार रही है कि उस पर बॉलीवुड में एक बहुचर्चित फिल्म भी बन चुकी है। रजिया सुल्तान ने अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान भी लिया था और वह खुद को किसी पुरुष से कम नहीं मानती थी। रजिया सुल्तान की जिंदगी इतनी दिलचस्प रही है कि उसके संक्षिप्त शासन के बावजूद इतिहास में उस पर बहुत कुछ लिखा गया है।

पिता की नजर में बेटों से बेहतर थी रजिया

भारत की पहली महिला शासिका और दिल्ली सल्तनत की पहली रानी बनकर रजिया ने सभी परंपराओं को तोड़ दिया था। रजिया के पिता इल्तुतमिश ने खुद अपनी बेटी के बारे में लिखा था कि मेरी बेटी मेरे अनेक पुत्रों से बेहतर है। बेटी की इसी काबिलियत के कारण इल्तुतमिश ने उसे सुल्तान बनाने की ठान ली थी जबकि उससे पहले भारत में कभी किसी महिला शासक ने राज नहीं किया था। इल्तुतमिश के दौर में महलों की चहारदीवारी में कैद रहना ही महिलाओं का मुक्कदर माना जाता था, लेकिन इल्तुमिश ने अपनी बेटी को दिल्ली की सरकार तब संभालने को कहा जब वो ग्वालियर के किले पर आक्रमण करने जा रहे थे। उसके बाद इल्तुतमिश ने अपनी बेटी को उत्तराधिकारी बनाकर इतिहास रच दिया क्योंकि उससे पहले कोई भी महिला सुल्तान नहीं बनी थी।

गुलाम याकूत से हुआ रजिया को प्यार

रजिया पुरुषों की तरह कपड़े पहनती थीं और खुले दरबार में बैठती थीं। उनके अंदर एक बेहतर शासिका के सारे गुण थे। एक समय ऐसा भी आया जब लग रहा था कि रजिया दिल्ली सल्तनत की सबसे ताकतवर मलिका बनेंगी, लेकिन रजिया के अफ्रीकन गुलाम जमालुदीन याकूत के साथ रिश्तों के कारण ऐसा नहीं हो पाया। याकूत रजिया सुल्तान को घोड़े की सवारी कराता था। इस दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ गयीं और रजिया ने उसे अपना पर्सनल अटेंडेंट बना लिया। कुछ इतिहासकारों के मुताबिक रजिया को उससे मोहब्बत हो गयी और वह उसे दिल दे बैठी।

दूसरे प्रेमी ने कर दी याकूत की हत्या

रजिया के अंत का कारण भी याकूत से उसकी बेइंतहा मोहब्बत थी। दोनों के इस प्यार की चर्चा ना केवल दरबार में बल्कि पूरे राज्य में फैल चुकी थी। भटिंडा का गर्वनर मालिक अल्तुनिया रजिया के इस रिश्ते से काफी नाराज था क्योंकि अल्तुनिया और रजिया दोनों बचपन के अच्छे मित्र थे। जब अल्तुनिया बड़ा हुआ तो उसको रजिया से एकतरफा प्यार हो गया था और रजिया को पाने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकता था। अपने प्यार को पाने के लिए उसने रजिया के प्रेमी याकूत की हत्या करवा दी और रजिया को जेल में डाल दिया।

दूसरे प्रेमी के साथ मारी गयी रजिया

जेल में बंदी के दौरान जब रजिया विद्रोह से निकलने का प्रयास कर रही थी तो रजिया के विरोधी तुर्कियों ने मौके का फायदा उठाते हुए दिल्ली पर हमला कर उसे गद्दी से हटवा दिया। रजिया के भाई बेहराम को सुल्तान घोषित कर दिया गया। अपने राज्य को बचाने के लिए रजिया ने धैर्य से काम लेते हुए अल्तुनिया से विवाह करने का निश्चय कर लिया और अपने पति के साथ दिल्ली की तरफ कूच करने लगी। 13 अक्टूबर,1240 को बेहराम ने रजिया सुल्तान को हरा दिया और अगले ही दिन रजिया सुल्तान और उसके पति अल्तुमिया की हत्या कर दी गयी। इस तरह भारत की पहली महिला शासक रजिया सुल्तान का दर्द भरा अंत हो गया। वैसे इतिहास में उसका नाम अमर है।

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