गुरुवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में बच्चों से भरी स्कूली वैन एक ट्रेन से टकराई,हादसे में 12 लोगों की मौत….

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गुरुवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में बच्चों से भरी स्कूली वैन एक ट्रेन से टकरा गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 11 बच्चे और एक ड्राइवर शामिल हैं।

हादसे में कई बच्‍चे घायल भी हुए हैं। सवाल उठता है कि यूरोप अमेरिका जैसे देशों में ऐसा हादसा हो तो दोबारा ऐसी घटना ना घटे उसके लिए बड़े इंतजाम किए जाते हैं लेकिन अपने देश में क्या। सरकार किसी की भी हो BJP कांग्रेस या कोई भी। सिस्टम को उसी तरह धकेलते हैं जैसा पिछले 70 सालों से होता आया है। बस काम पूरा हुआ वाली नीति अपना रहा है हमारा सिस्टम। जिसकी वजह से आज 11 घरों के चिराग बुझ गए।

एक ड्राइवर बच्चों की वैन को लेकर रेल की पटरियां पार करता है और सामने से दौड़ती ट्रेन आ रही है। क्या वैन को रोकने वाला कोई सरकारी आदमी जिसे हम गेट मैन कहते हैं वहां नहीं होना चाहिए था। अरे मैं तो भूल ही गया वहां रेलवे गेट ही नहीं है तो गेट मैन कहां से होगा। वैसे भी जितने फाटकों पर गेटमैन हैं वो कहां अपनी ड्यूटी ठीक से कर रहे हैं।

बाइक वाले आते हैं फाटक के नीचे से निकलते हैं और फिर आ जाते हैं किसी एक्सप्रेस के नीचे। जब कोई सरकार बनती है तो बड़े वादे किए जाते हैं, तरह तरह के वादे। करोड़ों रुपए का रेल बजट आता है नई ट्रेन चलती हैं लेकिन काल बन रहे रेलवे के मानव रहित फाटकों के लिए कभी कुछ ठोस काम नहीं हुआ। अभी हाल ही में आया था एक जुमला कि इसरो मानव रहित रेलवे फाटक  पर नजर रखेगा। क्या ऐसी नजर रखेगा जैसे आज रखी है। इस देश में सिर्फ होगा शब्द चलता है, हो गया के लिए लोगों को साल दर साल इंतजार करना पड़ता है और जब तक देश में जान माल की हानि होती रहती है।

मानव रहित रेल फाटकों पर अब तक के बड़े हादसे : 

अप्रैल 2017- यूपी के भदोही में वाराणसी-इलाहबाद रेल प्रखंड पर स्थित एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर विभूति एक्सप्रेस से एक कार टकरा गई, जिससे 5 लोगों की मौत हो गई। कार में सवार लोग बेटी की शादी के पहले तिलक की रस्म करने के लिए मीरजापुर के पखवैया जा रहे थे। उनकी कार औराई के माधोसिंह-अहिमनपुर के बीच स्थित गोरीडीह मानव रहित रेल क्रॉसिंग पर आई तो उसके आगे दो गाड़ियां और थीं। वे गाड़ियां निकल गईं, लेकिन जैसे ही इनकी गाड़ी निकल रही थी। इसी समय नई दिल्ली से कोलकाता की तरफ जा रही विभूति एक्सप्रेस आ गई और कार को उड़ाती हुई निकल गई।

जनवरी 2015- हिसार में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन और टाटा मैजिक की टक्कर में 12 लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना के शिकार सभी लोग एक ही परिवार के थे और पीर बाबा की मजार पर मत्‍था टेकने जा रहे थे। रेवाड़ी रूट पर मानव रहित फाटक बड़ा सिरदर्द हैं। हालांकि पिछले सालों में कई फाटकों को खत्म कर उनकी जगह अंडरपास बनाए गए हैं, लेकिन अंडरपास से बचने के लिए लोग ट्रैक ही क्रॉस कर रहे हैं।

फरवरी 2015- ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में मानवरहित रेलवे क्रांसिंग पर यात्री रेलगाड़ी ने एक कार को टक्कर मार दी। जिससे कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना भुवनेश्वर से 500 किलोमीटर दूर कल्याणपुर इलाके में हुई। कार घटना के वक्त रेलवे की पटरी को पार कर रही थी। रायपुर जा रही भवानीपटना-रायपुर यात्री रेलगाड़ी ने कार को टक्कर मार दी, जिससे इसमें सवार सभी तीन यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

 

मार्च 2010- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में उटारीपुरा के निकट एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रेन के बीच भीषण टक्कर हो जाने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे।

मई 2010: बिहार के मधुबनी जिले में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुए रेल हादसे में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में एक पैसेंजर ट्रेन एक वाहन से टकरा गई थी।

फरवरी 2009- ओडिशा के धांगीरा इलाके में एक वैन और रेलगाड़ी की टक्कर होने से 14 लोगों की मौत हो गई। सभी एक विवाह समारोह से लौट रहे थे और मानवरहित क्रॉसिंग पर वैन अचानक खराब होकर बंद हो गई थी। रेलगाड़ी ने वैन को टक्‍कर मार दी और 14 लोगों की मौत हो गई।

फरवरी 2005- नागपुर में शादी समारोह से लौट रहे ट्रैक्टर को तेज रफ्तार रेलगाड़ी ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 52 लोगों की मौत हो गई थी। खास बात है कि यह हादसा मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ था।

अप्रैल 2006- तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में थिरुमतपुर के पास मानवरहित क्रॉसिंग पर हुए हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्‍य घायल हो गए थे।

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