पहिये का दोनों टायर फटने से सहमे यात्री ….

इंजीनियरिंग कॉलेज से 25 सवारी बैठाकर चारबाग जा रही थी सिटी बस महानगर के छन्नीलाल चौराहे पर पिछले पहिये का दोनों टायर फटने से सहमे यात्री लखनऊ। निज संवाददातासिटी बसों की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही का एक और नमूना शनिवार को महानगरमें देखने को मिला। चारबाग से इंजीनियरिंग कॉलेज जा रही सिटी बस के पिछले पहिये के दोनों टायर अचानक फट गए। बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़कर पलटती ड्राइवर की सूझबूझ से हादसा टल गया।

जिस वक्त बस का टायर फटा उस वक्त में 25 यात्री सवार थे। टायर फाटने की आवाज से यात्री खिड़की के रास्ते कूदते नजर आए। हांलाकि इस घटना के बाद यात्री सुरक्षित रहे और इन यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गया। चारबाग के रविंद्रालय बस स्टाप से शनिवार की दोपहर बारह बजे रूट नंबर 33 की बस इंजीनियरिंग कॉलेज जा रही थी। गोमतीनगर डिपो की बस संख्या यूपी 32 डीएन 9450 छन्नीलाल चौराहे के पास बस का पिछला टायर फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक टायर फाटने की आवाज से बस में सवार यात्री बस से कूदने लगे। यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। वही बस चालक सोभनाथ ने सूझबूझ के साथ अनियंत्रित बस को संभालते हुए एक बड़ी दुर्घटना को टाला दिया। वही बस हादसे के बाद बस में मौजूद यात्रियों ने जमकर हंगामा काटा। हंगामा कर रहे यात्रियों को बस में तैनात कंडक्टर सुनील तृतीय ने समझा-बुझाकर दूसरी बस रवाना किया। तब यात्री शांत हुए। सिकंदरबाग में प्रेशर पाइप टूटा, हादसा टलाशनिवार को अलीगंज में सिटी बस का टायर फाटने के दो घंटे बाद सिकंदरबाग चौराहे पर चलती बस का कॉपर टूट गया। इससे प्रेशर पाइप फाटने से बचा, वरना सिटी बस ब्रेक फेल होना तय था। गोमतीनगर डिपो की बस संख्या 11 बीबीडी से चारबाग जा रही थी। बस नंबर यूपी 32 डीएन में दो दर्जन यात्री सवार थे। ड्राइवर अशरफ ने बस को अचानक रोककर जांच पड़ताल की इंजन से जुड़े कॉपर टूटकर सड़क पर लटक गया था। ये हादसा भी ड्राइवर की सूझबूझ से टल गया। घटना को छुपाते रहे अफसर शनिवार को लगातार गोमतीनगर डिपो की दो सिटी बसों से अलग-अलग हादसे होते-होते बचे। इस मामले में गोमतीनगर डिपो के एआरएम डीके गर्ग के बात की गई हो उन्होंने पहले घटना की जानकारी नहीं होने की बात कहीं। फिर उन्होंने थोड़ी देर बाद घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिटी बसों की हालत बेहद खराब है। नई बसें बस बेड़े में शामिल होंगी होंगी तभी बार-बार सिटी बसों से हो रहे हादसों पर लगाम लगाया जा सकता है। हादसे दर हादसे ने लापरवाही की खोली पोल यात्रियों और राहगीरों के लिए जानलेवा बनी राजधानी की सिटी बसों से होने वाले बार-बार हादसों ने अफसरों की लापरवाही की पोल खोलने के लिए काफी है। शनिवार को हुई घटना पहली घटना नही है। ऐसी पहले भी कई बार बस दुर्घटनाएं हो चुकी है। चलते-चलते सिटी बस के इंजन से कभी धुंआ उठने लगा तो कभी टायर फट गया और उसमें से आग की चिंगारी निकलने लगी। वर्तमान में सिटी ट्रांसपोर्ट के बस बेड़े में जो बसें संचालित हो रही है।

सभी बसें सात से आठ वर्ष पुरानी हो चुकी है। एक-दूसरे पर अधिकारी लगा रहे आरोपसिटी ट्रांसपोर्ट के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए एक दूसरे अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे है। बीते गुरुवार को बस हादसे के पहले सिटी बसों की मरम्मत में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया। इस मामले में सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी आरिफ सकलैन परिवहन निगम के क्षेत्रीय सेवा प्रबंधक सत्यनारायण पर आरोप लगा रहे है कि इन्हीं के आदेश से बस डिपो के बाहर निकली थी। बस की मरम्मत का परीक्षण पहले करा लिया जाता है बस में तकनीकी खराबी दूर की जा सकती है।

Facebook Comments