एक सिंपल सा दिखने वाला गाठ ले सकता है कैंसर का रूप…..

आज आपको बताएंगे कैसे एक सिंपल सा दिखने वाला गाठ कैंसर का रूप ले लेता है। ये लाल रंग के चेरी के फल की तरह उभार लिए होता है। ऐसे ट्यूमर को मेडिकल भाषा में हिमैन्जियोमा, एन्जियोमा, वेनस मैल्फॅारमेशन या एन्युरिच्म कहते है। सामान्य तौर पर इसका मिला-जुला नाम वैस्कुलर ट्यूमर है।

क्यों होते है वैस्कुलर ट्यूमर

ज्यादातर वैस्कुलर ट्यूमर पैदायशी होते हैं, जो खून की नसों की दीवारों में जन्मजात गड़बडिय़ों के कारण पैदा होते हैं।यह शिशुकाल में छोटे होते हैं।उम्र बढऩे पर इनका आकार बढ़ता जाता है।कभी-कभी ये काफी बड़े हो जाते हैं।चोट व दुर्घटना होने पर भी वैस्कुलर ट्यूमर हो सकता है।चोट लगने से खून की नलियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और उनकी दीवारें कमजोर पड़ जाती हैं।

खून के दबाव को न सहन कर पाने के कारण नलियों की दीवार का एक हिस्सा फूलकर वैस्कुलर ट्यूमर बन जाता है।डायबिटीज और खून में कोलेस्ट्रॅाल बढऩे पर भी इसके होने की आशंका होती है।खून में कोलेस्ट्रॉल अधिक होने पर चर्बी के जमाव के कारण नलियों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं।ये कमजोर दीवारें वैस्कुलर ट्यूमर  बन जाती  हैं, जिन्हें एन्युरिच्म कहते हैं.

 

कैसे पहचाने ट्यूमर
अगर आपके हाथ, पैर या पीठ पर बचपन में कोई उभरी हुई मुलायम गांठ रही हो।टीनएज में इसका आकार बढ़ गया हो, तो यह वैस्कुलर ट्यूमर हो सकता है।कभी भी आपकी हाथ, जांघ, या टांग में अगर चोट लगने के कुछ महीने के बाद उभरी सूजन कम होने की बजाय बढ़ती जा रही हो तो यह एन्युरिच्म की निशानी हो सकती है।

अगर आप चालीस साल की उम्र के बाद डायबिटीज़ या हाई कोलेस्ट्रॉल से पीडि़त हैं और आपके पेट में या पीठ पर दर्द कभी-कभी होता हो, तो हो सकता है कि आपके पेट में या छाती में खून की नली का ट्यूमर यानी एन्युरिच्म ने पनपना शुरू कर दिया हो।ऐसा ट्यूमर गर्दन में भी दिख सकता है।

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